सोलन। भविष्य की औद्योगिक प्रतिस्पर्धा में टिके रहने के लिए अब हिमाचल के उद्योगों को भी हाई-टेक होना होगा। इसी उद्देश्य के साथ केंद्रीय एमएसएमई मंत्रालय (MSME) और उद्योग विभाग सोलन के संयुक्त तत्वावधान में आज ‘स्मार्ट एमएसएमई’ विषय पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया।
तकनीक बढ़ाएगी उद्योगों का मुनाफा
कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए जिला उद्योग केंद्र सोलन के महाप्रबंधक सुरेंद्र ठाकुर ने उद्यमियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “अगर सूक्ष्म और लघु उद्योगों को वैश्विक बाजार में मुकाबला करना है, तो उन्हें ए.आई. (AI) आधारित ऑटोमेशन और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग को अपनाना ही होगा। इससे न केवल उत्पादन की गुणवत्ता बढ़ेगी, बल्कि मानवीय गलतियां (Errors) भी कम होंगी और लागत में बचत होगी।”
क्या है उद्योग 4.0? विशेषज्ञों ने दी जानकारी
डिजिटल परिवर्तन विशेषज्ञ सुखप्रीत सिंह ने कार्यशाला में ‘डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन’ पर विस्तार से प्रेजेंटेशन दी। उन्होंने उद्यमियों को उद्योग 4.0 (Industry 4.0) के समाधानों, स्मार्ट टूल्स और डिजिटल तकनीकों को आसानी से अपनाने की रणनीतियों के बारे में समझाया।
भविष्य के ‘स्मार्ट उद्योग’ की ओर बढ़ते कदम
सी.ई.एल. स्मार्ट एम.एस.एम.ई. टीम ने बताया कि इस तरह के आयोजनों का मुख्य उद्देश्य स्थानीय उद्योगों को सशक्त और तकनीकी रूप से उन्नत बनाना है। यह कार्यशाला सोलन के उद्यमियों को भविष्य के ‘स्मार्ट उद्योग मॉडल’ से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।
इस अवसर पर जिला उद्योग केंद्र के अधिकारियों सहित सोलन क्षेत्र के कई जाने-माने उद्यमियों ने भाग लिया और आधुनिक तकनीक को अपनी इकाइयों में लागू करने के टिप्स सीखे।
