टेक डेस्क: क्या आप भी ऑफिस से थककर घर आने के बाद झाड़ू-पोछा और बर्तन धोने के नाम से परेशान हो जाते हैं? तो तैयार हो जाइए, क्योंकि अब आपके घर में एक ‘लोहे का नौकर’ आने वाला है। टेक्नोलॉजी की दिग्गज कंपनियों के बीच अब ‘Humanoid Robots’ (इंसान जैसे दिखने वाले रोबोट) को घर-घर पहुँचाने की होड़ लग गई है।
क्या खास है इन नए रोबोट्स में?
अब तक रोबोट्स सिर्फ फैक्ट्रियों में कारें बनाते थे, लेकिन अब Tesla (Optimus) और Figure AI जैसी कंपनियाँ ऐसे रोबोट बना चुकी हैं जो:
- किचन का काम: ये रोबोट कॉफी बनाने से लेकर सब्जियां काटने तक का काम सीख रहे हैं।
- सफाई और लॉन्ड्री: गंदे कपड़े उठाकर वॉशिंग मशीन में डालना और उन्हें सुखाकर तय (Fold) करना इनके लिए अब आसान है।
- बुजुर्गों का ख्याल: ये रोबोट अकेले रह रहे बुजुर्गों को दवा याद दिला सकते हैं और उनके साथ बातचीत भी कर सकते हैं।
AI ने दी ‘इंसानी समझ’
इन रोबोट्स के अंदर ChatGPT जैसा ही दिमाग (Generative AI) लगा है। इसका मतलब है कि आपको इन्हें प्रोग्राम करने की ज़रूरत नहीं है। आप बस बोलिए— “आज खाने में कुछ अच्छा बनाओ और घर साफ कर दो” — और रोबोट अपना काम शुरू कर देगा। यह देख सकता है, समझ सकता है और गलतियों से सीख भी सकता है।
कितनी होगी कीमत?
एलन मस्क का दावा है कि जब इन रोबोट्स का बड़े पैमाने पर उत्पादन होगा, तो इनकी कीमत एक मिड-साइज कार (करीब 15 से 20 लाख रुपये) से भी कम होगी। आने वाले 4-5 सालों में ये रोबोट मिडिल क्लास घरों का हिस्सा बन सकते हैं।
क्या छीन जाएगी नौकरियां?
जहाँ लोग इस तकनीक से खुश हैं, वहीं एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे डोमेस्टिक हेल्प (घर में काम करने वाले लोगों) की नौकरियों पर खतरा मंडरा सकता है। हालांकि, कंपनियों का कहना है कि यह सिर्फ बोरियत भरे और थका देने वाले कामों में मदद के लिए है।
हैरान करने वाला फैक्ट: ये रोबोट थकते नहीं हैं और इन्हें चार्ज होने के लिए बस एक प्लग पॉइंट की ज़रूरत होती है। ये एक बार चार्ज होकर पूरे दिन घर के काम निपटा सकते हैं।









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