अंतरिक्ष में भारत की ‘महाशक्ति’ वाली छलांग! लॉन्च हुआ दुनिया का पहला ‘OptoSAR’ सैटेलाइट; अब बादलों और अंधेरे के पार भी होगी दुश्मनों पर नजर

On: May 4, 2026 10:54 AM
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India's first private OptoSAR satellite Mission Drishti by GalaxEye launch with SpaceX.
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नई दिल्ली (एजेंसी): भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र (Space Sector) में आज एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। भारत ने न केवल अपनी तकनीकी ताकत का लोहा मनवाया है, बल्कि एक निजी स्टार्टअप के जरिए वह कारनामा कर दिखाया है जो अब तक दुनिया का कोई विकसित देश नहीं कर सका। बेंगलुरु स्थित स्पेस स्टार्टअप ‘गैलेक्सआई’ (GalaxEye) ने ‘मिशन दृष्टि’ के तहत दुनिया का पहला ‘ऑप्टोसार’ (OptoSAR) सैटेलाइट सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है।

स्पेसएक्स के रॉकेट से भरी उड़ान

​इस ऐतिहासिक उपग्रह को कैलिफोर्निया (USA) से एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट के जरिए अंतरिक्ष में भेजा गया। यह न केवल तकनीक के लिहाज से खास है, बल्कि यह किसी भी भारतीय निजी संस्थान द्वारा निर्मित अब तक का सबसे बड़ा और भारी उपग्रह है।

क्या है ‘ऑप्टोसार’ तकनीक और क्यों मची है खलबली?

अब तक दुनिया भर के सैटेलाइट दो तरह से काम करते थे:

  1. ऑप्टिकल सेंसर: जो कैमरे की तरह रंगीन और विस्तृत फोटो तो लेते हैं, लेकिन बादल होने या रात के अंधेरे में फेल हो जाते हैं।
  2. रडार सिस्टम (SAR): जो बादलों के पार और अंधेरे में देख तो सकते हैं, लेकिन उनकी तस्वीरें उतनी साफ (Clear) नहीं होतीं।

गैलेक्सआई का ‘दृष्टि’ मिशन इन दोनों तकनीकों को एक ही प्लेटफॉर्म पर ले आया है। इसे ‘ऑप्टोसार’ नाम दिया गया है। यह सैटेलाइट एक ही समय में ऑप्टिकल और रडार डेटा कैप्चर करता है और उन्हें मिलाकर एक ऐसी हाई-रिजोल्यूशन तस्वीर देता है, जिसे न तो मौसम धुंधला कर सकता है और न ही रात का अंधेरा।

भारत के लिए क्यों है यह ‘गेम-चेंजर’?

​इस सैटेलाइट की मदद से भारत को कई मोर्चों पर बढ़त मिलेगी:

  • सीमा निगरानी: अब घुसपैठिये खराब मौसम या रात के अंधेरे का फायदा नहीं उठा सकेंगे।
  • आपदा प्रबंधन: बाढ़ या चक्रवात के दौरान जब आसमान बादलों से ढका होता है, तब भी यह सैटेलाइट जमीन की सटीक स्थिति बताएगा।
  • सटीक कृषि: फसलों की सेहत और मिट्टी की निगरानी में यह क्रांतिकारी डेटा प्रदान करेगा।
पीएम मोदी ने थपथपाई युवाओं की पीठ

​प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सफलता पर गैलेक्सआई की टीम को बधाई देते हुए इसे ‘नवाचार और राष्ट्र निर्माण के प्रति युवाओं के जुनून का प्रमाण’ बताया। उन्होंने कहा कि ‘मिशन दृष्टि’ भारत की अंतरिक्ष यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

​”यह मिशन पृथ्वी पर नजर रखने के पारंपरिक तरीके को पूरी तरह बदल देगा। अब समय और मौसम की परवाह किए बिना हमें सबसे सटीक और विश्वसनीय जानकारी मिलेगी।”

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Akshay Chauhan

अक्षय चौहान पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता एवं मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे साप्ताहिक हिमालयन डॉन के संपादकीय एवं प्रबंधन कार्यों का सफलतापूर्वक नेतृत्व कर रहे हैं। समाचार संकलन, संपादन, डिजिटल मीडिया, कंटेंट प्रबंधन तथा समाचार पत्र के संचालन में उनका व्यापक अनुभव रहा है।

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