श्री रेणुका जी बांध परियोजना: फॉरेस्ट क्लीयरेंस के साथ मिली बड़ी कामयाबी, जानें कब से शुरू होगा काम

Himachal

सिरमौर। दशकों से लंबित पड़ी श्री रेणुका जी बांध परियोजना अब हकीकत बनने की राह पर है। परियोजना को लेकर एक बड़ी प्रशासनिक उपलब्धि हासिल हुई है। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने इस बांध के लिए फॉरेस्ट क्लीयरेंस (Forest Clearance) की अंतिम मंजूरी दे दी है। इस मंजूरी के साथ ही अब निर्माण कार्य में आने वाली प्रमुख बाधाएं दूर हो गई हैं।

​प्रधानमंत्री मोदी ने किया था वर्चुअल शिलान्यास

​इस परियोजना को गति तब मिली जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका वर्चुअल शिलान्यास किया और बनने वाली विशाल झील को ‘परशुराम सागर’ नाम दिया। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कार्यकाल में इस परियोजना को लेकर विशेष प्रयास किए गए थे, जिसमें केंद्र सरकार और छह राज्यों के बीच समन्वय स्थापित कर बैठकें आयोजित की गई थीं।

​परियोजना से जुड़ी मुख्य बातें (At a Glance)

​बांध के निर्माण से क्षेत्र की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। परियोजना की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

  • 90:10 का बजट फॉर्मूला: कुल लागत का 90% हिस्सा केंद्र सरकार वहन करेगी, जबकि शेष 10% राशि छह लाभार्थी राज्यों द्वारा दी जाएगी।
  • परशुराम सागर झील: बांध बनने के बाद 1988 हेक्टेयर भूमि जलमग्न होगी, जिससे एक विशाल कृत्रिम झील का निर्माण होगा।
  • प्रभावित परिवार: बांध निर्माण से कुल 1142 परिवार प्रभावित होंगे, जिनमें से 259 परिवार पूर्ण रूप से विस्थापित होंगे।
  • करोड़ों का मुआवजा: सरकार अब तक प्रभावितों को 621 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा बांट चुकी है।

​5 दशकों का लंबा इंतजार खत्म

​यह परियोजना पिछले करीब 50 वर्षों से बजट की कमी, भूमि अधिग्रहण, कानूनी अड़चनों और फॉरेस्ट क्लीयरेंस न मिलने के कारण अटकी हुई थी। अब प्रशासनिक और राजनीतिक इच्छाशक्ति के चलते इसे नया जीवन मिला है।

​16 जनवरी को खुलेंगे टेंडर: महाप्रबंधक ने दी जानकारी

​श्री रेणुका जी बांध परियोजना के महाप्रबंधक खेम सिंह ठाकुर ने पुष्टि की है कि फॉरेस्ट क्लीयरेंस की अंतिम मंजूरी मिल चुकी है। उन्होंने बताया कि:

​”परियोजना के प्रथम चरण के तहत डायवर्सन टनल (Diversion Tunnels) का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए 16 जनवरी को टेंडर खोले जाएंगे, जिसके तुरंत बाद बांध का निर्माण कार्य तेज गति से शुरू कर दिया जाएगा।”

श्री रेणुका जी बांध परियोजना न केवल बिजली उत्पादन और पेयजल आपूर्ति के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि ‘परशुराम सागर’ झील के बनने से पर्यटन क्षेत्र में भी भारी बढ़ोतरी की उम्मीद है।

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