HPNLU शिमला ने शोध की विज़िबिलिटी और ORCID के महत्व पर आयोजित किया वेबिनार

On: February 21, 2026 3:14 PM
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HPNLU शिमला द्वारा आयोजित रिसर्च विज़िबिलिटी और ORCID वेबिनार के प्रतिभागी और वक्ता।
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शिमला, 21 फरवरी 2026: हिमाचल प्रदेश नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (HPNLU), शिमला ने अकादमिक जगत में शोध की पहुंच और प्रभाव बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. (डॉ.) प्रीती सक्सेना के कुशल नेतृत्व में शनिवार को “रिसर्च विज़िबिलिटी बढ़ाना और ORCID का इस्तेमाल” विषय पर एक प्रभावशाली वेबिनार का सफल आयोजन किया गया।

​यह कार्यक्रम HPNLU लाइब्रेरी और हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय (धर्मशाला) के लाइब्रेरी एंड इन्फॉर्मेशन साइंस विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ। इस पहल को ORCID ग्लोबल पार्टिसिपेशन फंड (GPF) का विशेष सहयोग प्राप्त था। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में आईआईटी दिल्ली के असिस्टेंट लाइब्रेरियन डॉ. मोहित गर्ग ने शिरकत की।

शोधार्थियों के लिए क्यों जरूरी है ORCID?

​सत्र के दौरान डॉ. मोहित गर्ग ने फैकल्टी मेंबर्स, रिसर्च स्कॉलर्स और LL.M. के छात्रों को विस्तार से समझाया कि डिजिटल युग में एक शोधकर्ता की विशिष्ट पहचान (Unique Identifier) कितनी अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि ORCID के प्रभावी उपयोग से न केवल शोध की ‘ग्लोबल डिस्कवरेबिलिटी’ बढ़ती है, बल्कि यह अलग-अलग डेटाबेस और पब्लिकेशन प्लेटफॉर्म्स के साथ तालमेल बिठाने में भी मदद करता है।

​डॉ. गर्ग ने स्कॉलरली पहचान बनाए रखने की बारीकियों पर चर्चा करते हुए साइटेशन ट्रैकिंग और रिसर्च प्रोफाइलिंग से जुड़े छात्रों के कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब भी दिए।

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अकादमिक एक्सीलेंस की ओर बढ़ते कदम

​इस वेबिनार में प्रतिभागियों ने भारी उत्साह दिखाया, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रिसर्च एक्सीलेंस को बढ़ावा देने के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। कार्यक्रम का सफल संचालन केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश के लाइब्रेरी विभाग के अध्यक्ष प्रो. शिवराम राव, HPNLU लाइब्रेरी इन-चार्ज प्रवीण कुमार और आयोजन सचिव अरुण कुमार द्वारा किया गया।

​यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सहयोगी संस्थानों, रिसोर्स पर्सन और ORCID GPF के प्रति आभार व्यक्त किया। इस तरह के आयोजनों से न केवल छात्रों के ज्ञान में वृद्धि होती है, बल्कि विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय शोध रैंकिंग में भी सुधार की संभावनाएं बढ़ती हैं।

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Kamlesh Thakur

कमलेश ठाकुर पिछले 3 वर्षों से हिमालयन डॉन मीडिया के साथ बतौर पत्रकार कार्यरत हैं। उन्हें हिमाचल प्रदेश की स्थानीय खबरों, शिक्षा, प्रशासन और जनहित से जुड़े मुद्दों की गहरी समझ है। सटीक, विश्वसनीय और तथ्यपरक रिपोर्टिंग उनकी पहचान है। स्थानीय घटनाओं को पाठकों तक सरल और प्रभावी ढंग से पहुंचाने में उनकी विशेष रुचि है।

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