राज्यपाल ने 32 शिक्षकों को प्रदान किए राज्य शिक्षक पुरस्कार, एक शिक्षक को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से किया सम्मानित

On: September 5, 2026 4:37 PM
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हिमाचल में 32 शिक्षकों को राज्य शिक्षक पुरस्कार प्रदान करते राज्यपाल
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शिमला। शिक्षक दिवस के अवसर पर लोक भवन में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक दिवस समारोह में राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने प्रदेश के 32 शिक्षकों को राज्य शिक्षक पुरस्कार प्रदान किए। इस अवसर पर वर्ष 2025 के लिए एक शिक्षक को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।

पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों को बधाई देते हुए राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में शिक्षक, अभिभावक और विद्यार्थियों की समान रूप से महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने शिक्षकों से शिक्षा के साथ विद्यार्थियों में संस्कार, मूल्य, चरित्र और आत्मविश्वास विकसित करने की जिम्मेदारी के प्रति संवेदनशील रहने का आह्वान किया।

‘राष्ट्र का भविष्य कक्षाओं में आकार लेता है’

डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि शिक्षक केवल पाठ्य पुस्तकों का ज्ञान देने तक सीमित नहीं हैं। वे विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और भविष्य के साथ-साथ राष्ट्र के भविष्य को भी आकार देते हैं।

उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र का भविष्य उसकी कक्षाओं में आकार लेता है और शिक्षक ही उस भविष्य के निर्माता होते हैं। एक शिक्षक के लिए सबसे बड़ा पुरस्कार तब होता है, जब विद्यार्थी उन्हें जीवनभर याद रखें और आगे चलकर परिवार, समाज तथा राष्ट्र के लिए सार्थक योगदान दें।

विकसित भारत-2047 के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा जरूरी

राज्यपाल ने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए युवाओं की सक्रिय और सार्थक भागीदारी आवश्यक है। इसके लिए गुणवत्तापूर्ण, समावेशी और मूल्य-आधारित शिक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा अब केवल परीक्षा और डिग्री तक सीमित नहीं है। इसमें ज्ञान, कौशल, रचनात्मकता, नवाचार, अनुसंधान और चरित्र निर्माण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

उन्होंने पीएम श्री स्कूल, निपुण भारत, समग्र शिक्षा, डिजिटल शिक्षा और अटल टिंकरिंग लैब जैसी पहलों को विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और 21वीं सदी के कौशल विकसित करने में महत्वपूर्ण बताया।

AI और रोबोटिक्स के दौर में शिक्षक की भूमिका अहम

राज्यपाल ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और डिजिटल तकनीक के बढ़ते प्रभाव के दौर में शिक्षकों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। तकनीक शिक्षण प्रक्रिया को आसान बना सकती है, लेकिन शिक्षक की प्रेरणा, मार्गदर्शन, स्नेह और संस्कार का स्थान नहीं ले सकती।

उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश ने परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान हासिल किया है।

शिक्षा मंत्री ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां

शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने राज्यपाल का स्वागत करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा शिक्षा विभाग में 9,00qq0 से अधिक नियुक्तियां की गई हैं।

उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी सरकारी विद्यालयों में पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम की शुरुआत की गई है, जबकि स्थानीय भाषाओं को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए युक्तिकरण किया गया है।

शिक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों के लिए शुरू की गई एक्सपोजर पहल का भी उल्लेख किया। इसके तहत विद्यार्थियों को देश के विभिन्न हिस्सों में शैक्षणिक भ्रमण करवाया जा रहा है और शिक्षकों को विदेशों में एक्सपोजर विजिट के अवसर दिए जा रहे हैं।

शिक्षकों की सफलता की कहानियां दूसरों के लिए बनें प्रेरणा

तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया है। कई शिक्षकों ने निर्धारित जिम्मेदारियों से आगे बढ़कर विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का काम किया है।

उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे शिक्षकों की सफलता की कहानियों का दस्तावेजीकरण कर उन्हें अन्य शिक्षकों के साथ साझा किया जाना चाहिए, ताकि वे प्रदेश के अन्य शिक्षकों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकें।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है और अब अगला लक्ष्य उत्कृष्ट शिक्षण संस्थानों का विकास होना चाहिए।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां

समारोह में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने राज्यपाल को सम्मानित किया। शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने राज्यपाल का स्वागत किया, जबकि स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।

राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पोर्टमोर और राजकीय कन्या महाविद्यालय शिमला के विद्यार्थियों ने आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इस अवसर पर नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान, उप-महापौर उमा कौशल, प्रधान सचिव तकनीकी शिक्षा डॉ. अभिषेक जैन, राज्यपाल के सचिव संदीप भारद्वाज, उच्च शिक्षा निदेशक सुनीता सिंह सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।

राज्यपाल ने पुरस्कार प्राप्त सभी शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि वे ज्ञान और संस्कार की रोशनी से आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे।

Akshay Chauhan

अक्षय चौहान पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता एवं मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे साप्ताहिक हिमालयन डॉन के संपादकीय एवं प्रबंधन कार्यों का सफलतापूर्वक नेतृत्व कर रहे हैं। समाचार संकलन, संपादन, डिजिटल मीडिया, कंटेंट प्रबंधन तथा समाचार पत्र के संचालन में उनका व्यापक अनुभव रहा है।

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