हिमाचल प्रदेश पंचायत चुनाव 2026 मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और नए चुनावी नियम ग्राफिक्स - हिमालयन डॉन न्यूज़।

हिमाचल में 31 मई से पहले होंगे पंचायत चुनाव, दागी और कब्जाधारियों के चुनाव लड़ने पर लगेगी रोक

Politics Himachal

शिमला: हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज चुनावों को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बड़ा ऐलान किया है। विधानसभा में नियम 67 के तहत लाए गए स्थगन प्रस्ताव पर जवाब देते हुए सीएम ने स्पष्ट किया कि यदि कोई कानूनी अड़चन नहीं आई, तो प्रदेश में 31 मई से पहले पंचायत चुनाव संपन्न करवा लिए जाएंगे।

​आरक्षण रोस्टर और सुप्रीम कोर्ट का हलफनामा

​मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने हाई कोर्ट में शपथ पत्र दिया है कि चुनाव मई में कराए जाएंगे, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने भी स्वीकार किया है। आरक्षण प्रक्रिया पर स्थिति साफ करते हुए उन्होंने बताया कि रोस्टर का अधिकार राज्य सरकार के पास है। चुनाव में सबसे पहले SC, फिर ST, उसके बाद OBC और अंत में महिलाओं को आरक्षण दिया जाएगा।

​डीसी (DC) की शक्तियों पर चर्चा करते हुए सीएम ने कहा कि यदि किसी विधानसभा क्षेत्र की 5% पंचायतों में बार-बार आरक्षण दोहराया जा रहा है, तो डीसी वहां जनसंख्या के आधार पर उसे ‘ओपन’ करने का निर्णय ले सकते हैं।

​पंचायती राज संशोधन विधेयक-2026: अब ‘दागी’ नहीं लड़ पाएंगे चुनाव

​हिमाचल विधानसभा में पेश किए गए पंचायती राज संशोधन विधेयक-2026 के जरिए सरकार पंचायत सिस्टम में पारदर्शिता लाने के लिए कड़े कदम उठाने जा रही है। इस बिल के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • गंभीर अपराधियों पर बैन: ऐसे व्यक्ति जिनके खिलाफ सक्षम अदालत में गंभीर मामलों में आरोप (Charge Sheet) तय हो चुके हैं, वे अब पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकेंगे।
  • कब्जाधारियों पर शिकंजा: यदि किसी व्यक्ति या उसके परिवार ने सरकारी, पंचायत या कोऑपरेटिव सोसाइटी की जमीन पर अवैध कब्जा किया है, तो उनकी उम्मीदवारी रद्द कर दी जाएगी।
  • डिफॉल्टर्स की खैर नहीं: पंचायत या जिला परिषद के टैक्स, फीस या अन्य देनदारियां (Dues) न चुकाने वाले लोग भी अयोग्य घोषित होंगे।
  • प्रतिनिधियों का निलंबन: जिन मौजूदा प्रतिनिधियों पर गंभीर मामलों में चार्ज फ्रेम होंगे, उन्हें पद से सस्पेंड करने का प्रावधान भी शामिल किया गया है।

​ग्राम सभा के कोरम में बदलाव: ग्रामीणों को बड़ी राहत

​अक्सर देखा जाता है कि कोरम पूरा न होने के कारण ग्राम सभा की बैठकें बार-बार स्थगित होती हैं। इसे सुचारू बनाने के लिए सरकार ने कोरम की सीमा एक-चौथाई (1/4) से घटाकर एक-दसवां (1/10) करने का प्रस्ताव रखा है। इससे विकास कार्यों के प्रस्ताव पास करने में तेजी आएगी।

​विपक्ष पर तीखा हमला

​सदन के बाहर मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास केवल वॉकआउट और हंगामा करने का काम रह गया है। सीएम ने तंज कसते हुए कहा कि विपक्षी गुटों में एकजुटता की कमी है और वे केवल राजनीतिक लाभ के लिए बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि वर्तमान सरकार ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के ध्येय के साथ काम कर रही है।

यह भी पढ़ें:- युवाओं के लिए सुनहरा अवसर, अग्निवीर भर्ती के लिए पंजीकरण की तिथि 10 अप्रैल तक बढ़ी

हिमाचल प्रदेश की सभी ताज़ा और सटीक खबरों के लिए जुड़े रहें हिमालयन डॉन न्यूज़ के साथ।

Whatsaap चैनल:- https://whatsapp.com/channel/0029VbBM4nD4yltLKwGMWX0G

Telegram account:- https://t.me/HimalayanDawn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *