हिमाचल पंचायत चुनाव: अब रिकाउंटिंग के लिए सिर्फ 10 मिनट, CCTV निगरानी में होगी मतगणना

On: May 24, 2026 12:54 PM
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हिमाचल पंचायत चुनाव 2026 की मतगणना प्रक्रिया को दर्शाती फीचर्ड इमेज, जिसमें CCTV निगरानी और नई गाइडलाइन की जानकारी दिखाई गई है।
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पंचायत चुनावों के लिए आयोग की सख्त गाइडलाइन जारी, मतगणना में गड़बड़ी पर होगी कार्रवाई

शिमला (कमलेश) 24 मई, 2026। हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज चुनावों की मतगणना को निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने नई गाइडलाइन जारी कर दी है। अब मतगणना के बाद पुनर्मतगणना (रिकाउंटिंग) की मांग के लिए प्रत्याशियों को केवल 10 मिनट का समय मिलेगा। इसके साथ ही सभी मतगणना केंद्रों पर CCTV, वीडियोग्राफी और संवेदनशील केंद्रों पर वेब-कास्टिंग अनिवार्य कर दी गई है।

राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव सुरजीत सिंह राठौर द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, मतगणना पूरी होने के बाद रिटर्निंग अधिकारी या सहायक रिटर्निंग अधिकारी प्रत्याशियों को मिले मतों की घोषणा करेंगे। इसके तुरंत बाद प्रत्याशी या उनके एजेंट लिखित आवेदन देकर ही रिकाउंटिंग की मांग कर सकेंगे। मौखिक अनुरोध मान्य नहीं होंगे।

आयोग ने स्पष्ट किया है कि रिटर्निंग अधिकारी आवेदन को पूरी तरह स्वीकार, आंशिक रूप से स्वीकार या अस्वीकार कर सकता है। यदि आवेदन खारिज किया जाता है तो उसके कारण लिखित रूप में दर्ज करना अनिवार्य होगा। अंतिम परिणाम घोषित होने के बाद किसी भी प्रकार की पुनर्मतगणना की मांग स्वीकार नहीं की जाएगी।

निर्देशों के अनुसार सामान्य परिस्थितियों में किसी प्रत्याशी को रिकाउंटिंग का केवल एक ही मौका मिलेगा। बराबरी की स्थिति में भी केवल एक बार पुनर्मतगणना होगी। हालांकि विशेष परिस्थितियों में रिटर्निंग अधिकारी विवेकाधिकार का उपयोग कर सकते हैं।

आयोग ने मतपत्रों की छंटनी और गिनती को लेकर भी सख्त नियम बनाए हैं। पंचायत चुनावों में एक ही मतपेटी में तीन अलग-अलग रंगों के मतपत्र डाले जाते हैं। मतपेटी खोलने के बाद सबसे पहले रंगों के आधार पर मतपत्र अलग किए जाएंगे और फिर उनका रिकॉर्ड से मिलान होगा। इसके बाद प्रत्याशियों के मतपत्रों के 25-25 के बंडल तैयार किए जाएंगे।

आयोग ने चेतावनी दी है कि मतगणना प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

भीड़ नियंत्रण के लिए आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिस वार्ड की मतगणना चल रही होगी, केवल उसी वार्ड के एजेंट को मतगणना कक्ष में बैठने की अनुमति होगी। हालांकि प्रधान और उपप्रधान पद के प्रत्याशी या उनके एजेंट पूरी प्रक्रिया के दौरान मौजूद रह सकेंगे।

मतगणना का क्रम भी तय कर दिया गया है। सबसे पहले वार्ड सदस्य पदों की गिनती होगी, इसके बाद उप-प्रधान और अंत में प्रधान पद के मतों की मतगणना की जाएगी। निर्विरोध चुने गए वार्डों की स्थिति में अगले वार्ड की मतगणना शुरू कर दी जाएगी।

निर्वाचन आयोग के इन निर्देशों को पंचायत चुनावों में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।


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Akshay Chauhan

अक्षय चौहान पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता एवं मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे साप्ताहिक हिमालयन डॉन के संपादकीय एवं प्रबंधन कार्यों का सफलतापूर्वक नेतृत्व कर रहे हैं। समाचार संकलन, संपादन, डिजिटल मीडिया, कंटेंट प्रबंधन तथा समाचार पत्र के संचालन में उनका व्यापक अनुभव रहा है।

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