शिमला: हिमालयन डॉन, हिमाचल प्रदेश सरकार के ग्रामीण विकास विभाग ने गरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवनयापन करने वाले परिवारों के चयन नियमों में बड़ा संशोधन किया है। सरकार के इस कदम से प्रदेश के हजारों जरूरतमंद परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बीपीएल चयन के छठे चरण (फेज-6) की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इसके लिए 31 मार्च तक नए आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।
4 अप्रैल को जारी होगी अंतिम सूची
ग्रामीण विकास विभाग के सचिव अमरजीत सिंह द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, पूरी प्रक्रिया संपन्न होने के बाद 4 अप्रैल को पंचायत स्तर पर पात्र परिवारों की सूची जारी कर दी जाएगी। इसे बीपीएल के छठे चरण की आधिकारिक सूची के रूप में प्रकाशित किया जाएगा।
नए नियमों में किन्हें मिलेगी प्राथमिकता?
सरकार ने चयन प्रक्रिया को अधिक समावेशी बनाने के लिए कुछ विशेष श्रेणियों को प्राथमिकता सूची में जोड़ा है:
- मनरेगा कामगार: ऐसे परिवार जिनके सभी वयस्क सदस्यों ने पिछले वित्तीय वर्ष में मनरेगा के तहत कम से कम 20 दिन काम किया है, उन्हें चयन में प्राथमिकता मिलेगी।
- महिला प्रधान परिवार: जिन परिवारों की मुखिया महिला है और परिवार में 27 से 59 वर्ष की आयु के बीच कोई भी वयस्क पुरुष सदस्य नहीं है।
- दिव्यांगता: यदि परिवार के मुखिया में 50% या उससे अधिक दिव्यांगता है, तो उन्हें अनिवार्य रूप से सूची में स्थान मिलेगा।
- गंभीर बीमारियां: कैंसर, अल्जाइमर, पार्किंसन, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, हीमोफीलिया जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे परिवारों को भी राहत दी गई है।
- आवास योजना के लाभार्थी: जिन परिवारों ने केंद्र या राज्य सरकार की योजनाओं के तहत पक्का मकान बनाया है, वे भी अब बीपीएल सूची के लिए पात्र होंगे।
पिछले चरणों की स्थिति और डेटा
सरकार ने स्पष्ट किया है कि पहले के पांच चरणों (फेज-1 से फेज-5) में की गई कार्रवाई और तैयार सूचियां यथावत मान्य रहेंगी। अब तक विभिन्न चरणों में चयनित परिवारों का विवरण इस प्रकार है:
| चरण (Phase) | चयनित परिवारों की संख्या |
|---|---|
| प्रथम चरण | 27,144 |
| द्वितीय चरण | 21,547 |
| तृतीय चरण | 11,997 |
| चतुर्थ चरण | 14,746 |
| छठा चरण (आगामी) | 4 अप्रैल को सूची जारी होगी |
ग्रामीण विकास विभाग ने साफ किया है कि फेज-1 से फेज-5 तक प्राप्त आवेदनों पर भी नए नियमों के तहत विचार किया जाएगा ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे।
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