हाटी समुदाय के अधिकारों की लड़ाई तेज: राज्यपाल के माध्यम से PM मोदी को भेजा ज्ञापन, ST प्रमाणपत्र और गिरिपार विकास के मुद्दे उठाए

On: May 23, 2026 8:53 AM
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राज्यपाल से मिलकर PM मोदी को ज्ञापन सौंपते हाटी विकास मंच के पदाधिकारी
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शिमला (अक्षय) 23 मई, 2026। गिरिपार क्षेत्र और हाटी समुदाय से जुड़े लंबे समय से लंबित मुद्दों को लेकर हाटी विकास मंच का एक प्रतिनिधिमंडल राजभवन पहुंचा, जहां उन्होंने महामहिम राज्यपाल Kavinder Gupta से मुलाकात कर उनके माध्यम से प्रधानमंत्री Narendra Modi को एक विस्तृत ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में हाटी समुदाय के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा, अनुसूचित जनजाति (ST) दर्जे के प्रभावी क्रियान्वयन, गिरिपार क्षेत्र के विकास तथा आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।

हाटी विकास मंच के प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हाटी समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा प्रदान करना केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं बल्कि दशकों से सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष कर रहे समुदाय को मिला ऐतिहासिक सम्मान है। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि केंद्र सरकार के इस फैसले ने हजारों परिवारों की उम्मीदों को नई दिशा दी है और समुदाय को मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि हालांकि केंद्र सरकार द्वारा हाटी समुदाय को ST दर्जा प्रदान किया जा चुका है, लेकिन वर्तमान में यह मामला Himachal Pradesh High Court में विचाराधीन है। अदालत में लंबित सुनवाई और Interim Stay के कारण समुदाय के पात्र लोगों को अभी तक ST प्रमाणपत्र जारी नहीं किए जा रहे हैं। इससे युवाओं, विद्यार्थियों और सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

प्रतिनिधिमंडल ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ST दर्जा मिलने के बावजूद यदि समुदाय को प्रमाणपत्र ही उपलब्ध नहीं होंगे, तो उन्हें संवैधानिक लाभों से वंचित रहना पड़ेगा। ज्ञापन में केंद्र और राज्य सरकार से आग्रह किया गया कि इस विषय पर प्रभावी कानूनी एवं प्रशासनिक पहल की जाए ताकि पात्र लोगों को जल्द से जल्द अनुसूचित जनजाति प्रमाणपत्र उपलब्ध करवाए जा सकें।

सोलन-मीनस सड़क को ‘पीएम गति शक्ति’ योजना में शामिल करने की मांग

हाटी विकास मंच ने गिरिपार क्षेत्र की भौगोलिक चुनौतियों और सड़क संपर्क की समस्याओं का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। ज्ञापन में सोलन-मीनस सड़क मार्ग को केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘पीएम गति शक्ति योजना’ में शामिल करने की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि यह सड़क गिरिपार क्षेत्र के हजारों लोगों के लिए जीवनरेखा साबित हो सकती है।

उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क से न केवल पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा बल्कि क्षेत्र के किसानों, बागवानों और युवाओं को भी आर्थिक अवसर प्राप्त होंगे। वर्तमान में कई ग्रामीण क्षेत्रों में खराब सड़क व्यवस्था के कारण लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा संस्थानों और बाजारों तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं की बदहाली पर जताई चिंता

ज्ञापन में गिरिपार क्षेत्र के अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और शिक्षा संस्थानों की स्थिति पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि क्षेत्र के कई स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों, विशेषज्ञों और आवश्यक उपकरणों की भारी कमी है, जिसके कारण लोगों को छोटी-छोटी चिकित्सा सुविधाओं के लिए भी लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।

इसी प्रकार सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में स्टाफ की कमी, आधारभूत ढांचे की कमजोर स्थिति और आधुनिक सुविधाओं के अभाव का मुद्दा भी राज्यपाल के समक्ष रखा गया। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि गिरिपार क्षेत्र के विकास के लिए विशेष पैकेज घोषित किया जाए ताकि शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जा सके।

“हाटी समुदाय को मिला सम्मान ऐतिहासिक”

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि हाटी समुदाय सदियों से अपनी सांस्कृतिक पहचान, परंपराओं और सामाजिक संरचना के साथ हिमाचल और उत्तराखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों में निवास करता आया है। लंबे संघर्ष और आंदोलन के बाद समुदाय को ST दर्जा मिलना उनके लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है।

उन्होंने कहा कि अब आवश्यकता इस बात की है कि इस निर्णय का लाभ धरातल तक पहुंचे और समुदाय के लोगों को वास्तविक रूप से संवैधानिक अधिकार प्राप्त हों। प्रतिनिधिमंडल ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार हाटी समुदाय के हितों की रक्षा के लिए सकारात्मक कदम उठाएंगे।

ये रहे प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रमुख सदस्य
राज्यपाल से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में हाटी विकास मंच के अध्यक्ष प्रदीप सिंह सिंगटा, महासचिव डॉ. अनिल भारद्वाज, कोषाध्यक्ष वीएन भारद्वाज सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों पर केंद्र और राज्य स्तर पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और गिरिपार क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।


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