शिमला: हिमाचल प्रदेश के घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपनी संशोधित टैरिफ याचिका (Revised Tariff Petition) विद्युत विनियामक आयोग को सौंपने जा रहा है। इस नए प्रस्ताव में घरेलू बिजली की दरों में 5 से 7 पैसे प्रति यूनिट तक की कटौती की सिफारिश की गई है।
सब्सिडी के नए नियमों का असर
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि बिजली सब्सिडी अब केवल पात्र और जरूरतमंद उपभोक्ताओं को ही दी जाएगी। हाल ही में प्रदेश के हजारों सक्षम उपभोक्ताओं द्वारा स्वेच्छा से सब्सिडी छोड़ने के फैसले के बाद, सरकार ने बिजली दरों में बढ़ोतरी न करने का निर्णय लिया है। सरकार का लक्ष्य है कि सब्सिडी का दायरा सीमित होने के बावजूद आम जनता पर आर्थिक बोझ न बढ़े।
सरकार ने विद्युत बोर्ड को निर्देश दिए हैं कि दरों को और कम किया जाए, जिसकी वित्तीय भरपाई सरकार स्वयं करेगी।
औद्योगिक और व्यावसायिक दरों पर जनसुनवाई
बिजली की नई दरें तय करने से पहले राज्य विद्युत विनियामक आयोग प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में जनसुनवाई (Public Hearing) आयोजित करेगा। यह पहली बार है जब आयोग तीन अलग-अलग स्थानों पर जनता और व्यापारियों के पक्ष सुनेगा:
| शहर | प्रस्तावित तिथि |
| शिमला | 17 फरवरी 2026 |
| बद्दी | 20 फरवरी 2026 |
| धर्मशाला | 24 फरवरी 2026 |
इन जनसुनवाई के बाद ही औद्योगिक और व्यावसायिक श्रेणियों के लिए अंतिम टैरिफ प्लान जारी किया जाएगा। बोर्ड की इस पहल से जहां घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, वहीं उद्योगों के लिए भी पारदर्शी नीति बनाने की कोशिश की जा रही है।
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