नौणी विश्वविद्यालय में Bayer Learning Center स्थापना के लिए MoU हस्ताक्षर करते विश्वविद्यालय और Bayer CropScience के अधिकारी

नौणी विवि में खुलेगा Bayer Learning Center, छात्रों और किसानों को मिलेगा हाईटेक खेती का प्रशिक्षण

Solan
Bayer CropScience और नौणी विश्वविद्यालय के बीच हुआ बड़ा समझौता, छात्रों को मिलेंगी स्कॉलरशिप और इंडस्ट्री एक्सपोजर

हिमालयन डॉन संवाददाता, सोलन। 21 मई, बायर और नौणी यूनिवर्सिटी के बीच विश्वविद्यालय परिसर में अत्याधुनिक Bayer Learning Center (BLC) स्थापित करने को लेकर महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह पहल प्रदेश में कृषि शिक्षा, आधुनिक तकनीक और उद्योग-अकादमिक सहयोग को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।

समझौते पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एच.एस. बवेजा तथा बायर क्रॉपसाइंस इंडिया के क्लस्टर कमर्शियल लीड (भारत, बांग्लादेश एवं श्रीलंका) डॉ. मोहन बाबू राजाराम ने हस्ताक्षर किए।

इस साझेदारी के तहत विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित होने वाला Bayer Learning Center उन्नत कृषि तकनीकों, आधुनिक फसल प्रबंधन, टिकाऊ खेती और अनुभवात्मक शिक्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा। यहां विद्यार्थियों को वास्तविक फील्ड परिस्थितियों में आधुनिक कृषि तकनीकों को सीखने और समझने का अवसर मिलेगा।

छात्रों को मिलेगा इंडस्ट्री एक्सपोजर और स्कॉलरशिप

समझौते के अनुसार विश्वविद्यालय अपने फार्मों पर BLC गतिविधियों के संचालन में सहयोग देगा और छात्र प्रतिभागियों को शैक्षणिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं Bayer CropScience द्वारा बीज, फसल सुरक्षा उत्पाद, उर्वरक, सूक्ष्म पोषक तत्व और अन्य तकनीकी सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। कंपनी संचालन एवं रखरखाव के लिए आवश्यक श्रमिकों का खर्च भी वहन करेगी।

विशेष बात यह है कि BLC के संचालन एवं निगरानी में सक्रिय विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि और छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही छात्रों को अनुभवी विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में इंटर्नशिप और व्यावसायिक प्रशिक्षण के अवसर भी मिलेंगे।

किसानों तक पहुंचेगी नई कृषि तकनीक

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. मोहन बाबू राजाराम ने कहा कि Bayer Learning Center का उद्देश्य ऐसे कुशल विद्यार्थी और पेशेवर तैयार करना है जो कृषि क्षेत्र में सार्थक योगदान दे सकें। उन्होंने कहा कि इस पहल से किसानों तक भी नवीनतम कृषि ज्ञान और तकनीक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

वहीं कुलपति डॉ. एच.एस. बवेजा ने इसे विश्वविद्यालय के लिए ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि यह साझेदारी विश्व की अग्रणी फसल विज्ञान कंपनियों में से एक के साथ संरचित एवं वित्तपोषित अनुसंधान सहयोग की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि इससे विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता बढ़ेगी और विश्वविद्यालय बागवानी ज्ञान प्रसार का क्षेत्रीय केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।

शोध और तकनीकी गतिविधियों पर हुई प्रस्तुति

कार्यक्रम के दौरान अनुसंधान निदेशक डॉ. देविना वैद्य ने विश्वविद्यालय की शोध, शिक्षण और प्रसार गतिविधियों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। वहीं BLC की नोडल अधिकारी डॉ. मानिका तोमर ने अतिथियों का स्वागत करते हुए पहल की जानकारी साझा की। अंत में पादप रोग विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. अनिल हांडा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम में Bayer CropScience और विश्वविद्यालय के कई वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक, संकाय सदस्य एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


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