Solan Weather Alert: 15 जनवरी तक घना कोहरा, किसानों के लिए सलाह

On: January 13, 2026 6:48 PM
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सोलन। जिले में अगले पांच दिनों तक मौसम शुष्क रहने का अनुमान है, जबकि 13 से 15 जनवरी 2026 के बीच कुछ स्थानों पर घना कोहरा छाए रहने की संभावना जताई गई है। यह जानकारी ग्रामीण कृषि मौसम सेवा के अंतर्गत डॉ. वाई.एस. परमार उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी (सोलन) और भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी जिला एवं क्षेत्रीय कृषि मौसम परामर्श में दी गई है ।

मौसम विभाग के अनुसार, इस अवधि में जिले में अधिकतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 0 से 2 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। हवा की गति उत्तर-पूर्व दिशा में 7 से 9 किमी प्रति घंटा रह सकती है, जबकि सापेक्षिक आर्द्रता 19 से 83 प्रतिशत के बीच बनी रहेगी ।

घने कोहरे से खेती पर असर

परामर्श में बताया गया है कि घने कोहरे की स्थिति में दृश्यता और प्रकाश संश्लेषण के लिए आवश्यक विकिरण में कमी आती है, जिससे फसलों में पोषक तत्वों का अवशोषण प्रभावित हो सकता है। ऐसे में किसानों को कोहरे के दौरान सिंचाई से बचने तथा दृश्यता सामान्य होने के बाद ही छिड़काव, निराई-गुड़ाई व अन्य खेत कार्य करने की सलाह दी गई है ।

पाले से बचाव की सलाह

विशेषज्ञों ने पाले की आशंका को देखते हुए किसानों को सलाह दी है कि वे फसलों को ठंड से बचाने के लिए शाम के समय हल्की सिंचाई करें। फलदार फसलों की नर्सरी को कम तापमान से बचाने के लिए पॉलीशीट या सरकंडा घास का उपयोग करने की भी सिफारिश की गई है ।

सब्जी, फल और फसलों के लिए विशेष सुझाव

परामर्श के अनुसार:

  • सेब के बागों में पौधों को रात में ढकने और दिन में साफ मौसम में खोलने की सलाह दी गई है।
  • मटर की फसल में सहारा देने, निराई-गुड़ाई और घास की मल्च बिछाने की सिफारिश की गई है।
  • गोभी व पत्तागोभी में एफिड (माहू) की निगरानी कर आवश्यकता अनुसार नीम-आधारित दवाओं के छिड़काव की सलाह दी गई है।
  • लहसुन की फसल में मिट्टी की पपड़ी रोकने के लिए हल्की गुड़ाई करने को कहा गया है ।
पशुपालन और प्राकृतिक खेती के लिए सलाह

पशुपालकों को ठंडे मौसम में पशुओं के थनों की सुरक्षा, छोटे बछड़ों को रात में ढकने और पशु शेड को ठंडी हवाओं से बचाने की सलाह दी गई है।
वहीं प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को कीट-रोग नियंत्रण के लिए अग्निस्त्र, ब्रह्मास्त्र, नीमास्त्र, दशपर्णी अर्क तथा जीवामृत के नियमित प्रयोग की सलाह दी गई है ।

मोबाइल ऐप से लें मौसम की जानकारी

किसानों को स्थानीय भाषा में मौसम व कृषि परामर्श प्राप्त करने के लिए ‘मेघदूत’, ‘मौसम’ और ‘दामिनी’ मोबाइल ऐप का उपयोग करने की भी सलाह दी गई है ।

Kamlesh Thakur

कमलेश ठाकुर पिछले 3 वर्षों से हिमालयन डॉन मीडिया के साथ बतौर पत्रकार कार्यरत हैं। उन्हें हिमाचल प्रदेश की स्थानीय खबरों, शिक्षा, प्रशासन और जनहित से जुड़े मुद्दों की गहरी समझ है। सटीक, विश्वसनीय और तथ्यपरक रिपोर्टिंग उनकी पहचान है। स्थानीय घटनाओं को पाठकों तक सरल और प्रभावी ढंग से पहुंचाने में उनकी विशेष रुचि है।

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