हिमाचल विद्युत बोर्ड का कमाल

हिमाचल विद्युत बोर्ड का कमाल: बिजली बिक्री से कमाए 300 करोड़, राजस्व में 45% की भारी बढ़ोतरी

Himachal

शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड (HPSEBL) ने वित्तीय मोर्चे पर बड़ी सफलता हासिल की है। ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के ध्येय के साथ राज्य सरकार ने बिजली क्षेत्र में सुधारों, पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया और आधुनिक तकनीक के दम पर राजस्व में शानदार उछाल दर्ज किया है।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि विद्युत बोर्ड ने 31 दिसंबर, 2025 तक 300 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। गौर करने वाली बात यह है कि पिछले वर्ष (31 दिसंबर, 2024) इसी अवधि में यह आंकड़ा 206 करोड़ रुपये था। यह लगभग 45 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि को दर्शाता है।


आधुनिक तकनीक से घाटे में कमी

सरकार ने बिजली व्यवस्था को स्मार्ट और पारदर्शी बनाने के लिए कई तकनीकी कदम उठाए हैं:

  • स्मार्ट मीटर: शिमला और धर्मशाला में 1.5 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। उपभोक्ता अब मोबाइल ऐप के जरिए अपनी रोजाना की बिजली खपत देख सकेंगे।
  • SCADA प्रणाली: औद्योगिक क्षेत्र काला अंब में इस प्रणाली को लागू करने से बिजली के नुकसान (Transmission Loss) में 4 प्रतिशत की कमी आई है।
  • लागत में कटौती: आईटी सेवाओं और बिलिंग पर होने वाले वार्षिक खर्च में 46 प्रतिशत की बचत की गई है।

रोजगार के नए अवसर: 2100 से अधिक भर्तियां

विद्युत बोर्ड के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने बड़ी भर्ती को मंजूरी दी है:

  • 1,602 ‘बिजली उपभोक्ता मित्र’ की नियुक्ति की जाएगी।
  • 500 जूनियर टी-मेट्स की भर्ती होगी। इससे मरम्मत कार्यों में तेजी आएगी और उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिलेगी।

जनजातीय क्षेत्रों के लिए ‘सोलर पावर’ मास्टरप्लान

सरकार का ध्यान दुर्गम क्षेत्रों में 24 घंटे बिजली पहुंचाने पर है:

  1. किलाड़ घाटी: 62 करोड़ रुपये की नई बिजली लाइन परियोजनाएं।
  2. काज़ा: 148 परिवारों को सोलर ऑफ-ग्रिड सिस्टम प्रदान किए गए।
  3. पांगी: बैटरी स्टोरेज सिस्टम (BESS) के साथ सोलर प्रोजेक्ट्स की स्थापना।
  4. ब्याज सब्सिडी: जनजातीय क्षेत्रों में सौर ऊर्जा संयंत्रों के लिए 5% तक ब्याज सब्सिडी का प्रावधान।

कांगड़ा में बनेगा नया इंफ्रास्ट्रक्चर

अगले वित्त वर्ष में कांगड़ा जिले में छह नए 33KV/11KV उप-स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। ये स्टेशन निम्नलिखित क्षेत्रों में बनेंगे:

  • गणोग (नूरपुर), कारला कोटला (देहरा)।
  • मझीण और थेड़ (ज्वालामुखी)।
  • मोकी (इंडोरा) और समलोटी (नगरोटा बगवां)।

मुख्यमंत्री का संदेश: “हमारी सरकार बिजली क्षेत्र की पुरानी समस्याओं को दूर कर बोर्ड को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना रही है। पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया और डिजिटल सुधारों से न केवल पैसा बच रहा है, बल्कि आम जनता को बेहतर सेवाएं भी मिल रही हैं।”

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