शिमला | हिमालयन डॉन ब्यूरो हिमाचल प्रदेश के गांवों में सत्ता के विकेंद्रीकरण और ‘गांव की सरकार’ चुनने का बहुप्रतीक्षित समय आ गया है। प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को पंचायती राज संस्थाओं (PRIs) के चुनाव की विस्तृत अधिसूचना जारी कर दी है। इस घोषणा के साथ ही प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में आदर्श चुनाव आचार संहिता प्रभावी हो गई है। इस बार का चुनाव न केवल आंकड़ों के लिहाज से बड़ा है, बल्कि इसमें तकनीक और पारदर्शिता के कई नए आयाम भी जोड़े गए हैं।
तीन चरणों में महाकुंभ: मतदान और मतगणना का पूरा गणित
राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची ने प्रेस वार्ता में बताया कि चुनाव की आधिकारिक अधिसूचना 29 अप्रैल को जारी की जाएगी। इसके बाद चुनावी प्रक्रिया की रफ्तार तेज होगी।
- नामांकन की तिथियां: प्रत्याशी 7, 8 और 11 मई को सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे।
- नामांकन की जांच (Scrutiny): 12 मई को निर्वाचन अधिकारी दस्तावेजों की पात्रता की जांच करेंगे।
- नाम वापसी और चुनाव चिह्न: 14 और 15 मई को नाम वापस लिए जा सकेंगे। 15 मई की शाम तक चुनावी रण में डटे रहने वाले अंतिम प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए जाएंगे।
- मतदान की तारीखें: प्रदेश में 26, 28 और 30 मई को तीन चरणों में वोट डाले जाएंगे।
परिणामों की घोषणा: लोकतंत्र की इस प्रक्रिया में खास बात यह है कि पंचायत प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्यों के मतों की गिनती मतदान वाले दिन ही संबंधित केंद्रों पर की जाएगी और उसी रात नतीजे घोषित हो जाएंगे। वहीं, जिला परिषद और पंचायत समिति के मतों की गणना 31 मई को विकास खंड मुख्यालयों पर होगी।
मतदाता आंकड़े: युवाओं और महिलाओं का दबदबा
हिमाचल प्रदेश में इस बार कुल 50,79,048 मतदाता अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करेंगे।
- पुरुष मतदाता: 25,67,770
- महिला मतदाता: 25,11,249
- नए मतदाता: 52,349 युवा पहली बार वोट डालेंगे, जो चुनाव की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
भौगोलिक विविधता:
- सबसे बड़ा जिला: कांगड़ा (11,90,330 मतदाता)।
- सबसे छोटा जिला: लाहौल-स्पीति (25,882 मतदाता)।
- विशिष्ट रिकॉर्ड: लाहौल-स्पीति के कौमिक स्कूल में 4587 मीटर की ऊंचाई पर विश्व का सबसे दुर्गम मतदान केंद्र बनाया जाएगा।
रंगों का कोड: पांच पदों के लिए पांच अलग मतपत्र
मतदान प्रक्रिया को सरल बनाने और भ्रम की स्थिति को दूर करने के लिए आयोग ने मतपत्रों के रंग निर्धारित किए हैं। कुल 60 लाख मतपत्र छापे गए हैं:
- प्रधान: हल्का हरा
- उपप्रधान: पीला
- पंचायत सदस्य (वार्ड पंच): सफेद
- पंचायत समिति सदस्य: गुलाबी
- जिला परिषद सदस्य: हल्का नीला
कठोर नियम और सुरक्षा व्यवस्था: ‘चिट्टा’ तस्करों पर नो-एंट्री
राज्य निर्वाचन आयोग ने इस बार शुचिता पर विशेष बल दिया है।
- अपराध और नशा: जो व्यक्ति चिट्टे (सिंथेटिक ड्रग्स) के कारोबार में संलिप्त पाया गया है या जिस पर कोर्ट ने आरोप तय कर दिए हैं, वह चुनाव नहीं लड़ पाएगा।
- अतिक्रमण: सरकारी या वन भूमि पर अवैध कब्जा करने वाले उम्मीदवार अपात्र होंगे, बशर्ते उन्होंने कब्जा नियमित करने का आवेदन न किया हो।
- सरकारी कर्मचारियों पर नकेल: कोई भी कर्मचारी प्रत्याशी का एजेंट नहीं बन सकेगा। उल्लंघन पर 3 महीने के कारावास की सजा का प्रावधान है।
- 80+ बुजुर्गों के लिए नियम: इस बार बुजुर्गों को घर से वोट डालने की सुविधा नहीं होगी; उन्हें मतदान केंद्रों पर ही आना होगा।
तकनीक का समावेश: DPMIS ऐप से पारदर्शिता
मतदाताओं को अपने उम्मीदवारों को जानने का पूरा हक देने के लिए आयोग ने DPMIS ऐप लॉन्च किया है। इस ऐप के माध्यम से कोई भी मतदाता अपने क्षेत्र के प्रत्याशी की शैक्षणिक योग्यता, चल-अचल संपत्ति, देनदारियां और किसी भी प्रकार की आपराधिक पृष्ठभूमि की जानकारी रियल टाइम में देख सकेगा।
सुरक्षा और कानून व्यवस्था
कुल 21,678 मतदान केंद्रों पर 56 हजार कर्मचारी तैनात रहेंगे। मतदान से 48 घंटे पहले शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध (Dry Day) रहेगा। संवेदनशील और अति-संवेदनशील केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।
हिमालयन डॉन की अपील: यह चुनाव आपके गांव की तरक्की का आधार है। 26, 28 और 30 मई को अपने घरों से बाहर निकलें और एक सशक्त पंचायत के निर्माण के लिए मतदान जरूर करें। मतदान के दिन सभी सरकारी और निजी संस्थानों में सवैतनिक अवकाश (Paid Holiday) रहेगा।
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