हरिपुरधार में आरएसएस की प्रबुद्ध जन-संगोष्ठी संपन्न: 100 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पर हुई चर्चा

On: April 27, 2026 7:47 AM
हमें फॉलो करें:
हरिपुरधार में आरएसएस की प्रबुद्ध जन-संगोष्ठी को संबोधित करते मुख्य वक्ता हरीश और उपस्थित प्रबुद्ध नागरिक
--विज्ञापन यहां--

Whatsapp Channel

Join Now

Telegram Group

Join Now
शताब्दी वर्ष के पड़ाव पर मुख्य वक्ता हरीश ने साझा किए संघ के अनुभव; बोले- “संघ केवल संगठन नहीं, एक राष्ट्रीय विचार पद्धति है”

हरिपुरधार (राजेश) सिरमौर जिला के धार्मिक एवं पर्यटन केंद्र हरिपुरधार में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) द्वारा आयोजित एक विशेष ‘प्रबुद्ध जन-संगोष्ठी’ ने क्षेत्र के बुद्धिजीवियों और गणमान्य नागरिकों का ध्यान अपनी ओर खींचा। माता भंगायनी मंदिर परिसर के पावन सत्संग भवन में आयोजित इस बौद्धिक सत्र में राष्ट्र की वर्तमान स्थिति, संघ के 100 वर्षों के संघर्ष और भविष्य की चुनौतियों पर विस्तार से मंथन किया गया।

ऐतिहासिक यात्रा: उपेक्षा से स्वीकृति तक का सफर

​कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, संघ के क्षेत्र बौद्धिक शिक्षण प्रमुख हरीश ने अपने संबोधन में संघ की विकास यात्रा के उन पहलुओं को छुआ जो सामान्यतः चर्चा में कम रहते हैं। उन्होंने कहा कि 1925 में विजयादशमी के पावन पर्व पर डॉ. हेडगेवार ने जिस बीज को रोपा था, वह आज एक विशाल वटवृक्ष बन चुका है।

​उन्होंने बताया कि इस यात्रा में संघ ने समाज और व्यवस्था के हर रंग को देखा है। शुरुआती दौर में जहाँ ‘उपेक्षा’ का सामना करना पड़ा, वहीं बाद में तीखा ‘विरोध’ भी झेला। लेकिन स्वयंसेवकों के धैर्य और राष्ट्र के प्रति अटूट निष्ठा का ही परिणाम है कि आज संघ ‘सहयोग’ और ‘सहभाग’ की उस स्थिति में पहुँच गया है, जहाँ समाज का हर वर्ग इसके साथ मिलकर राष्ट्र सेवा में जुटना चाहता है।

सामाजिक सरोकार और जीवन शैली

​हरीश ने प्रबुद्ध जनों को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि संघ को केवल एक संगठन की सीमाओं में बांधकर देखना भूल होगी। उन्होंने कहा, “संघ एक जीवन शैली है, जो व्यक्ति के भीतर ‘स्व’ को जगाकर उसे समाज और राष्ट्र के लिए समर्पित होने की प्रेरणा देती है।” उन्होंने शिक्षा नीति, संस्कार और महिलाओं की सामाजिक भागीदारी को समाज की उन्नति के लिए अनिवार्य बताया।

गहन संवाद: बुद्धिजीवियों की जिज्ञासाएं और समाधान

​संगोष्ठी की सबसे बड़ी विशेषता इसका ‘संवाद सत्र’ रहा। इसमें क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों ने ज्वलंत विषयों पर प्रश्न पूछे:

  • शिक्षा और संस्कार: आधुनिकता के दौर में नई शिक्षा नीति के माध्यम से बच्चों को संस्कारों से कैसे जोड़ा जाए?
  • महिला सहभागिता: राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में महिलाओं की भूमिका को और अधिक सशक्त बनाने के उपाय।
  • आर्थिक और राजनैतिक परिदृश्य: देश की वर्तमान आर्थिक चुनौतियों और सेवा कार्यों के माध्यम से उनके समाधान।

​मुख्य वक्ता ने इन सभी विषयों पर बड़े ही तार्किक और तथ्यात्मक ढंग से प्रत्युत्तर दिए, जिससे उपस्थित श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए।

क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों की रही उपस्थिति

​कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के साथ हुआ। इस अवसर पर जिला संघचालक केदार सूर्यवंशी, विभाग प्रचारक अनिल कुमार, विभाग विद्यार्थी कार्य प्रमुख नरेश कुमार और जिला कार्यवाह जोगिंद्र सिंगटा ने भी अपने विचार साझा किए।

​कार्यक्रम में सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों, शिक्षकों, प्रशासनिक अधिकारियों, व्यापारियों, अधिवक्ताओं और पत्रकारों सहित समाज के हर वर्ग के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। उपस्थित लोगों में सुनील कुमार, अंकुर, बलबीर सिंह, रणवीर सिंह, विजय राणा और मेला राम शर्मा सहित कई दिग्गज कार्यकर्ता शामिल रहे।

यह भी पढ़ें:- 24 घंटे में कटेगी बिजली! हिमाचल में स्मार्ट मीटर का विरोध करना पड़ेगा भारी, सरकार के सख्त आदेश जारी

हिमाचल प्रदेश की सभी ताज़ा और सटीक खबरों के लिए जुड़े रहें हिमालयन डॉन के साथ।
WhatsApp चैनल:
Join WhatsApp Channel⁠
Telegram चैनल:
Join Telegram Channel⁠
Facebook पेज:
Join Facebook Page

Akshay Chauhan

अक्षय चौहान पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता एवं मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे साप्ताहिक हिमालयन डॉन के संपादकीय एवं प्रबंधन कार्यों का सफलतापूर्वक नेतृत्व कर रहे हैं। समाचार संकलन, संपादन, डिजिटल मीडिया, कंटेंट प्रबंधन तथा समाचार पत्र के संचालन में उनका व्यापक अनुभव रहा है।

व्हाट्सएप से जुड़ें

अभी जुड़ें

टेलीग्राम से जुड़ें

अभी जुड़ें

इंस्टाग्राम से जुड़ें

अभी जुड़ें