हिमालयन डॉन, शिमला: हिमालय की शिवालिक पर्वतमाला की सबसे ऊंची चोटी और शिरगुल महाराज के पावन धाम चूड़धार की यात्रा पर जाने की योजना बना रहे श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बड़ी खबर है। चूड़ेश्वर सेवा समिति ने वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए यात्रियों को अपनी यात्रा फिलहाल टालने की सलाह दी है।
रास्ते में जमी है भारी बर्फ, मौसम भी प्रतिकूल
केंद्रीय कार्यकारिणी चुडेश्वर सेवा समिति के अध्यक्ष बी.एम. नंटा ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि चूड़धार के आसपास अभी भी काफी मात्रा में बर्फ जमी हुई है। क्षेत्र में मौसम का मिजाज भी लगातार खराब बना हुआ है, जिससे पैदल मार्ग पर चलना जोखिम भरा हो सकता है। सुरक्षा की दृष्टि से समिति ने अनुरोध किया है कि जब तक मौसम साफ न हो, यात्री यहाँ का रुख न करें।
भंडारा और सराय अभी बंद
समिति ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में धाम पर सेवा समिति का भंडारा और रात्रि ठहराव (सराय) की सुविधा आरंभ नहीं हुई है। ऐसे में चोटी पर पहुँचने वाले यात्रियों को रहने और खाने-पीने की भारी किल्लत झेलनी पड़ सकती है। शून्य से नीचे गिरते तापमान के बीच ठहरने की व्यवस्था न होना श्रद्धालुओं के लिए मुसीबत बन सकता है।
अध्यक्ष की अपील: दूसरों को भी करें सूचित
अध्यक्ष बी.एम. नंटा ने कहा:
“सभी यात्रियों से अनुरोध है कि यदि अत्यंत आवश्यक न हो तो अपनी चूड़धार यात्रा कुछ समय के लिए टाल दें। साथ ही, अपने संपर्क में आने वाले अन्य लोगों को भी इस स्थिति के बारे में सूचित करने का कष्ट करें ताकि किसी को असुविधा न हो।”
प्रशासन और समिति मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। जैसे ही स्थितियां सामान्य होंगी और सुविधाएं शुरू होंगी, श्रद्धालुओं को सूचित कर दिया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश की सभी ताज़ा और सटीक खबरों के लिए जुड़े रहें हिमालयन डॉन के साथ।
WhatsApp चैनल:
Join WhatsApp Channel
Telegram चैनल:
Join Telegram Channel
Facebook पेज:
Join Facebook Page
