हिमाचल हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: स्टाफ नर्स भर्ती प्रक्रिया पर तत्काल रोक, पुरुष उम्मीदवारों के हक में हस्तक्षेप

On: March 31, 2026 7:25 AM
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शिमला | हिमाचल प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में चल रही स्टाफ नर्स और सहायक स्टाफ नर्सों की भर्ती प्रक्रिया पर प्रदेश उच्च न्यायालय ने फिलहाल ‘ब्रेक’ लगा दिया है। कोर्ट ने यह कदम पुरुष उम्मीदवारों द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए उठाया है, जिन्होंने भर्ती में केवल महिलाओं को अवसर दिए जाने को चुनौती दी है।

हाईकोर्ट की खंडपीठ का आदेश

​न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ ने गौरव कुमार एवं अन्य द्वारा दायर मामले की सुनवाई के दौरान यह आदेश पारित किया। अदालत ने स्पष्ट रूप से राज्य सरकार और संबंधित प्रतिवादियों को निर्देश दिए हैं कि अगले आदेश तक इस विज्ञापन के तहत चयन प्रक्रिया को आगे न बढ़ाया जाए। मामले की अगली सुनवाई आगामी मंगलवार को निर्धारित की गई है।

विवाद की जड़: केवल महिलाओं के लिए निकले थे पद

​भर्ती प्रक्रिया पर विवाद तब शुरू हुआ जब विभाग ने 6 दिसंबर 2025 और 10 जनवरी 2026 को विज्ञापन जारी किए। इन विज्ञापनों की सबसे बड़ी आपत्ति यह थी कि:

  • ​इनमें केवल महिला उम्मीदवारों से ही आवेदन मांगे गए थे।
  • ​पुरुष उम्मीदवारों को इस पूरी चयन प्रक्रिया से बाहर रखा गया था।

याचिकाकर्ताओं के तर्क: योग्यता समान, तो भेदभाव क्यों?

​पुरुष उम्मीदवारों की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता ने अदालत में मजबूती से अपना पक्ष रखा। उनके मुख्य तर्क निम्नलिखित थे:

  1. नियमों का हवाला: हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग भर्ती एवं पदोन्नति नियम-2019 के तहत वे पूरी तरह योग्य हैं।
  2. पंजीकरण: याचिकाकर्ता हिमाचल प्रदेश नर्स पंजीकरण परिषद के साथ विधिवत पंजीकृत हैं और उनके पास आवश्यक शैक्षणिक योग्यता भी है।
  3. संवैधानिक उल्लंघन: दलील दी गई कि भर्ती नियमों या किसी भी नीति में यह कहीं नहीं लिखा है कि स्टाफ नर्स के पद केवल महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे। केवल लिंग के आधार पर पुरुषों को बाहर करना संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) और अनुच्छेद 16 (1 व 2) का सीधा उल्लंघन है।

अब आगे क्या?

​अदालत ने स्थिति को स्पष्ट करने के लिए सरकार से निर्देश मांगे हैं। मंगलवार को होने वाली अगली सुनवाई बेहद महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि इसमें सरकार को अपना पक्ष रखना होगा कि आखिर पुरुष नर्सों को इस भर्ती से क्यों वंचित रखा गया। तब तक के लिए पूरी भर्ती प्रक्रिया पर स्टे (Stay) लगा रहेगा।

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Akshay Chauhan

अक्षय चौहान पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता एवं मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे साप्ताहिक हिमालयन डॉन के संपादकीय एवं प्रबंधन कार्यों का सफलतापूर्वक नेतृत्व कर रहे हैं। समाचार संकलन, संपादन, डिजिटल मीडिया, कंटेंट प्रबंधन तथा समाचार पत्र के संचालन में उनका व्यापक अनुभव रहा है।

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