हिमाचल मौसम अलर्ट: सोलन समेत इन 4 जिलों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी, किसानों के लिए एडवाइजरी जारी

On: March 27, 2026 7:49 PM
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Farmers advisory for wheat and apple crops Himachal Pradesh Nauni University
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सोलन | Himalayan Dawn News Desk

हिमाचल प्रदेश के मध्यवर्ती जिलों में एक बार फिर मौसम करवट बदलने वाला है। डॉ. वाई.एस. परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौनी और भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोलन, शिमला, बिलासपुर और सिरमौर जिलों के लिए आगामी 5 दिनों का विशेष मौसम बुलेटिन जारी किया है।

28 से 31 मार्च तक बारिश का दौर, 29 को ‘येलो अलर्ट’

​मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले पांच दिनों तक मौसम परिवर्तनशील बना रहेगा। सोलन जिले सहित आसपास के क्षेत्रों में 28 मार्च से 31 मार्च तक हल्की से मध्यम वर्षा होने की प्रबल संभावना है।

मुख्य चेतावनी:

  • 29 मार्च 2026: इस दिन सोलन, शिमला, बिलासपुर और सिरमौर में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज झोंकेदार हवाएं (40-50 किमी प्रति घंटा, जो 60 किमी तक जा सकती हैं) चलने की चेतावनी दी गई है।
  • तापमान: अधिकतम तापमान 20.0 से 24.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 8.0 से 12.0 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।

किसानों और बागवानों के लिए विशेष सलाह (Agromet Advisory)

​मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों के लिए ‘लघु संदेश सलाहकार’ (SMS Advisory) जारी की है:

1. सिंचाई और छिड़काव रोकें:

अगले 5 दिनों तक खेतों में सिंचाई और किसी भी प्रकार के कीटनाशक या फफूंदनाशी के छिड़काव को स्थगित रखें।

2. बागवानी (सेब, खुबानी, प्लम):

  • ​फलों की सुरक्षा के लिए बागवान अपने बगीचों को एंटी-हेल नेट (ओलावृष्टि रोधी जाल) से ढक दें।
  • ​यदि ओलावृष्टि होती है, तो उसके 3-4 दिनों के भीतर बोरिक एसिड (200 ग्राम) + जिंक सल्फेट (500 ग्राम) + बुझा हुआ चूना (250 ग्राम) को 200 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें।

3. फसल सुरक्षा (गेहूं, लहसुन, टमाटर):

  • गेहूं और लहसुन: खेतों में अतिरिक्त वर्षा जल की निकासी के लिए उचित नालियां बनाएं। गेहूं में ‘येलो रस्ट’ और लहसुन में ‘पर्पल ब्लॉच’ रोग की निगरानी करें।
  • टमाटर: बारिश के दौरान पौध की रोपाई न करें; केवल साफ मौसम में ही यह कार्य करें।

4. पशुपालन:

  • ​दूध देने वाले पशुओं को कैल्शियम सप्लीमेंट दें, खासकर यदि वे धान के पुआल पर निर्भर हैं, ताकि आंतों में रुकावट (ब्लोट) से बचा जा सके। आहार में बरसीम और जई जैसे हरे चारे को शामिल करें।

प्राकृतिक खेती और सुरक्षा उपाय

​प्राकृतिक खेती करने वाले किसान कीट नियंत्रण के लिए अग्निअस्त्र, ब्रह्मास्त्र और नीमास्त्र का उपयोग साफ मौसम में करें। बिजली कड़कने के दौरान खेतों में जाने से बचें और ऊंचे पेड़ों या खंभों से दूर रहें।

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Akshay Chauhan

अक्षय चौहान पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता एवं मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे साप्ताहिक हिमालयन डॉन के संपादकीय एवं प्रबंधन कार्यों का सफलतापूर्वक नेतृत्व कर रहे हैं। समाचार संकलन, संपादन, डिजिटल मीडिया, कंटेंट प्रबंधन तथा समाचार पत्र के संचालन में उनका व्यापक अनुभव रहा है।

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