शिमला। हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव की औपचारिक प्रक्रिया अब तेज हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों में मतदाता सूचियों का प्रकाशन शुरू कर दिया गया है। इसी क्रम में जिला उपायुक्त कार्यालय शिमला ने शुक्रवार को शाम पांच बजे पंचायत चुनावों के लिए मतदाता सूची सार्वजनिक कर दी है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव शेड्यूल जारी होने तक नए मतदाता अपने नाम मतदाता सूची में दर्ज करवा सकते हैं। इससे पंचायत चुनावों में मतदाताओं की संख्या और अधिक बढ़ने की संभावना है।
नाम न होने पर यहां बनवा सकेंगे वोट
जिन नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं है, वे अब पंचायत सचिव या संबंधित खंड विकास अधिकारी (BDO) कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायतों के लिए मात्र 2 रुपये शुल्क देकर वोट बनवाया जा सकता है, जबकि शहरी निकाय क्षेत्रों में यह शुल्क 50 रुपये निर्धारित किया गया है।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, एक बार जो मतदाता सूची सार्वजनिक हो चुकी है, उसमें से किसी भी नाम को हटाया नहीं जाएगा। केवल नए नाम जोड़े जा सकेंगे, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।
प्रदेश में पंचायतों और मतदाताओं की स्थिति
हिमाचल प्रदेश में कुल 3,577 पंचायतें हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार पंचायत क्षेत्रों में 55 लाख से अधिक मतदाता पंजीकृत हैं। नए मतदाताओं के जुड़ने से यह संख्या और बढ़ सकती है।
आयोग का कहना है कि पंचायत चुनावों को लेकर अधिकांश तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। केवल मतदाता सूचियों का सार्वजनिक प्रकाशन और अद्यतन प्रक्रिया जारी है।
पुनर्गठन और पुनर्सीमांकन वाली पंचायतों का मामला
प्रदेश की 31 पंचायतों का पुनर्गठन और पुनर्सीमांकन पहले ही किया जा चुका है। इस संबंध में तैयार फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज दी गई है। जैसे ही मंजूरी मिलती है, इन पंचायतों से जुड़ी जानकारी को सार्वजनिक किया जाएगा।
इसके बाद जनता से 15 दिनों के भीतर आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे, ताकि चुनाव प्रक्रिया में किसी तरह की कानूनी या प्रशासनिक अड़चन न आए।
हाईकोर्ट के आदेश के तहत 30 अप्रैल तक चुनाव
उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव 30 अप्रैल तक कराने के आदेश दिए हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग सभी आवश्यक कदम तेजी से उठा रहा है।
राज्य निर्वाचन आयोग को इस संबंध में 28 फरवरी को हाईकोर्ट में अपना जवाब दाखिल करना है। आयोग पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि नई पंचायतों के गठन पर उसे कोई आपत्ति नहीं है।
3,548 पंचायतों की मतदाता सूची तैयार
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार 29 पंचायतों को छोड़कर 3,548 पंचायतों की मतदाता सूची पूरी तरह तैयार है। अब इन्हें केवल सार्वजनिक किया जाना है। आयोग ने सभी जिला उपायुक्तों को 30 जनवरी तक मतदाता सूचियों के प्रकाशन के निर्देश दिए थे।
राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव सुरजीत राठौर ने बताया कि जिलों को समयसीमा के भीतर मतदाता सूची सार्वजनिक करने के आदेश दिए गए हैं।
पंचायतीराज संस्थाओं का कार्यकाल आज समाप्त
हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं का कार्यकाल शनिवार को समाप्त हो रहा है। 1 फरवरी से पंचायतों की शक्तियां प्रशासकों को सौंप दी जाएंगी। राज्य सरकार की ओर से प्रशासकों की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है।
पंचायतीराज विभाग ने इस संबंध में प्रस्ताव मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज दिया है। इसमें दो विकल्प सुझाए गए हैं, पंचायतों की शक्तियां पंचायत सचिव को दी जाएं या फिर एक समिति बनाकर जिम्मेदारी सौंपी जाए।
जिला परिषद की शक्तियां एडीसी और पंचायत समितियों की शक्तियां बीडीओ को सौंपे जाने पर भी विचार किया जा रहा है।
एक फरवरी से पुराने मोहरों का नहीं रहेगा उपयोग
पंचायतीराज विभाग के अनुसार, एक फरवरी से पंचायतों की ओर से जारी की गई पुरानी मोहरों का कोई प्रशासनिक महत्व नहीं रहेगा। विकास कार्यों की निगरानी, नई योजनाओं की स्वीकृति और अन्य प्रशासनिक कार्य प्रशासकों द्वारा किए जाएंगे।
प्रदेश में मतदाताओं का जिला-वार आंकड़ा
राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक हिमाचल प्रदेश में कुल 55.19 लाख मतदाता हैं।
इनमें लगभग 27.93 लाख पुरुष और 27.26 लाख महिलाएं शामिल हैं।
जिला-वार आंकड़ों के अनुसार:
कांगड़ा: 13.17 लाख
मंडी: 8.65 लाख
शिमला: 5.17 लाख
ऊना: 4.37 लाख
सोलन: 4.20 लाख
सिरमौर: 4.11 लाख
हमीरपुर: 3.78 लाख
चंबा: 4.22 लाख
बिलासपुर: 3.30 लाख
कुल्लू: 3.35 लाख
किन्नौर और लाहौल-स्पीति में मतदाताओं की संख्या अपेक्षाकृत कम है।
हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव को लेकर प्रशासनिक और संवैधानिक स्तर पर तैयारियां तेज हो चुकी हैं। मतदाता सूचियों का प्रकाशन, नए मतदाताओं का पंजीकरण और प्रशासकों की नियुक्ति जैसे कदम यह संकेत देते हैं कि चुनाव प्रक्रिया अब निर्णायक चरण में पहुंच रही है।
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