हिमाचल पंचायत चुनाव: मतदाता सूचियों के प्रकाशन की तारीख बढ़ी

हिमाचल पंचायत चुनाव: मतदाता सूचियों के प्रकाशन की तारीख बढ़ी, अब 30 जनवरी तक होगा इंतजार

Himachal

शिमला: हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं के आगामी चुनावों को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने अपनी तैयारियों की गति बढ़ा दी है। आयोग ने मतदाता सूचियों के अंतिम प्रकाशन के लिए निर्धारित समयसीमा में बदलाव करते हुए इसे 30 जनवरी तक बढ़ा दिया है। इससे पहले, इन सूचियों को 28 जनवरी तक सार्वजनिक डोमेन में लाने का लक्ष्य रखा गया था।

​नई समयसीमा और रोस्टर की स्थिति

​राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिला उपायुक्तों (DCs) को निर्देश दिए हैं कि मतदाता सूचियों का प्रकाशन अब 30 जनवरी तक सुनिश्चित किया जाए। हिमाचल में 31 जनवरी को पंचायतीराज संस्थाओं का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। ऐसे में आयोग ने सरकार को पत्र लिखकर संस्थाओं के रोस्टर की स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। रोस्टर क्लियर होते ही आयोग चुनाव की अगली प्रक्रिया (अधिसूचना आदि) शुरू कर देगा।

​मतदाता सूचियों का गणित
  • कुल मतदाता: प्रदेश में अब तक तैयार सूचियों के अनुसार वोटरों की संख्या लगभग 56 लाख है।
  • तैयार पंचायतें: प्रदेश की कुल 3548 पंचायतों में से 3519 पंचायतों की सूचियां तैयार हैं।
  • लंबित कार्य: केवल 29 पंचायतों को छोड़कर बाकी सभी का डेटा उपायुक्तों के पास है, जिन पर अंतिम हस्ताक्षर होने शेष हैं।
  • बैलेट पेपर: चुनाव के लिए लगभग 3 करोड़ बैलेट पेपर की छपाई का काम पूरा हो चुका है।
​हाईकोर्ट का सख्त रुख: 30 अप्रैल तक चुनाव अनिवार्य

​हिमाचल हाईकोर्ट ने प्रदेश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को समय पर पूरा करने के लिए 30 अप्रैल तक चुनाव संपन्न कराने के आदेश दिए हैं। राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग को अपनी तैयारियों का पूरा ब्यौरा 28 फरवरी को कोर्ट में पेश करना है।

​”मतदाता सूचियों के प्रकाशन के लिए 30 जनवरी तक का समय दिया गया है। इसके बाद आयोग चुनाव की आगामी प्रक्रियाओं को अमल में लाएगा।”

सुरजीत सिंह राठौर, सचिव, राज्य निर्वाचन आयोग

​चुनाव प्रबंधन: 22 हजार बूथ और भारी स्टाफ

​चुनाव को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए आयोग ने विस्तृत रूपरेखा तैयार की है:

  • मतदान केंद्र: पूरे प्रदेश में लगभग 22,000 पोलिंग बूथ बनाए जाएंगे।
  • स्टाफ की तैनाती: चुनावी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए करीब 35,000 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी।
  • शिक्षकों की भूमिका: पंचायत चुनावों में बड़ी संख्या में स्कूल अध्यापकों को चुनावी ड्यूटी पर तैनात किया जाना प्रस्तावित है।

​हिमाचल प्रदेश में नई पंचायतों के गठन को लेकर आयोग ने स्पष्ट किया है कि उन्हें इस पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन फिलहाल पूरा ध्यान समय पर चुनाव प्रक्रिया शुरू करने पर है।

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