शिमला: हिमाचल प्रदेश के सरकारी डिग्री कॉलेजों में लंबे समय से चल रही शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए सुक्खू सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के कॉलेजों में रिक्त चल रहे शिक्षकों के 400 पदों को भरने का फैसला लिया है। इस संबंध में विभाग ने हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग (HPPSC) को औपचारिक मांग पत्र (Requisition) भेज दिया है। सरकार का प्रयास है कि आगामी शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले इन शिक्षकों की नियुक्ति कर दी जाए।
भर्ती प्रक्रिया में तेजी: अप्रैल तक का लक्ष्य
शिक्षा विभाग ने लोक सेवा आयोग से आग्रह किया है कि इन पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर और जल्द से जल्द पूरा किया जाए। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यदि सब कुछ तय योजना के मुताबिक रहा, तो अप्रैल 2026 तक चयन प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। गौर हो कि प्रदेश में अंतिम बार बड़ी भर्ती वर्ष 2023 में हुई थी, जिसके बाद से ही नए पदों के विज्ञापन का इंतजार किया जा रहा था।
कॉलेजों की खस्ताहाल स्थिति: 45 कॉलेज केवल 4-5 शिक्षकों के भरोसे
भले ही सरकार 400 पदों पर भर्ती करने जा रही है, लेकिन जमीनी हकीकत अब भी चुनौतीपूर्ण है। वर्तमान में प्रदेश के कॉलेजों में शिक्षकों के पद भारी संख्या में खाली पड़े हैं।
- शिक्षकों की कमी: प्रदेश के लगभग 45 कॉलेज ऐसे हैं, जहाँ केवल 4 से 5 शिक्षक ही कार्यरत हैं। ऐसे में इन संस्थानों में विद्यार्थियों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
- UGC नियमों का उल्लंघन: यूजीसी (UGC) के स्पष्ट निर्देश हैं कि कॉलेजों में 20 छात्रों पर एक शिक्षक का होना अनिवार्य है। लेकिन हिमाचल के कई बड़े कॉलेजों में, जहाँ हजारों छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, वहाँ शिक्षकों की संख्या मात्र 40-45 है।
- रिटायरमेंट और भर्ती का अंतर: हर साल प्रदेश में बड़ी संख्या में शिक्षक सेवानिवृत्त हो रहे हैं, लेकिन नियमित भर्तियां औसतन 3 साल के अंतराल पर हो रही हैं। यह गैप कॉलेजों में रिक्तियों की संख्या को लगातार बढ़ा रहा है।
डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर कड़ा रुख: CBT केंद्रों की होगी मरम्मत
भर्ती के साथ-साथ शिक्षा विभाग ने कॉलेजों के डिजिटल बुनियादी ढांचे को सुधारने पर भी जोर दिया है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने सभी डिग्री कॉलेजों के प्रिंसिपलों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।
- हार्डवेयर की कार्यशीलता: कॉलेजों को यह सुनिश्चित करना होगा कि आईसीटी (ICT) हार्डवेयर और कंप्यूटर लैब पूरी तरह चालू हालत में हों।
- सक्रीनिंग और सुधार: हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग हमीरपुर ने हाल ही में कुछ सरकारी कॉलेजों को CBT (Computer Based Test) केंद्रों के रूप में चिह्नित किया था, लेकिन उनकी रिपोर्ट में कई कमियां पाई गई थीं। विभाग ने आदेश दिए हैं कि इन विसंगतियों को तत्काल दूर किया जाए ताकि भविष्य में होने वाली ऑनलाइन परीक्षाओं में कोई बाधा न आए।
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