शिमला को भीड़-भाड़ से मुक्त करने और बद्दी में 'हिम चंडीगढ़ सिटी' बसाने की तैयारी

शिमला को भीड़-भाड़ से मुक्त करने और बद्दी में ‘हिम चंडीगढ़’ बसाने की तैयारी, कैबिनेट सब-कमेटी ने की अहम बैठकें

Shimla

शिमला हिमालयन डॉन ब्यूरो, हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार प्रदेश की राजधानी शिमला के पुराने गौरव को लौटाने और औद्योगिक क्षेत्र बद्दी को नया आधुनिक रूप देने के लिए बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है। गुरुवार को राजधानी शिमला में राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडलीय उप-समिति की दो महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों में शिमला के विस्थापन और बद्दी के शहरीकरण को लेकर कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए।

शिमला शहर का कायाकल्प: बाजारों की होगी शिफ्टिंग

शिमला शहर लंबे समय से यातायात और अत्यधिक भीड़-भाड़ की समस्या से जूझ रहा है। इस समस्या के स्थाई समाधान के लिए मंत्रिमंडलीय उप-समिति ने एक ठोस योजना पर चर्चा की। बैठक में निर्णय लिया गया कि शहर के बीचों-बीच स्थित मुख्य व्यावसायिक केंद्रों को बाहरी इलाकों में स्थानांतरित किया जाएगा।

इन बाजारों का होगा विस्थापन: सरकार की योजना के अनुसार, लोअर बाजार की सब्जी मंडी, अनाज मंडी, लक्कड़ बाजार की टिम्बर मार्केट, कच्ची घाटी की मैकेनिकल मार्केट और ट्रांसपोर्ट एरिया को अन्यत्र शिफ्ट किया जाएगा। इससे न केवल शहर के अंदर वाहनों का दबाव कम होगा, बल्कि पैदल चलने वाले स्थानीय लोगों और पर्यटकों को भी राहत मिलेगी।

बैठक के दौरान उपायुक्त शिमला, अनुपम कश्यप ने जानकारी दी कि ढली फोरलेन के पास पांच अलग-अलग स्थानों को इन मंडियों और मार्केट के लिए चिन्हित किया गया है। जल्द ही एक संयुक्त टीम इन स्थलों का निरीक्षण करेगी और अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। इसके अलावा, शहर की चार प्रमुख पार्किंगों के बीच चल रहे विवादों को सुलझाने पर भी विचार-विमर्श किया गया, ताकि पार्किंग व्यवस्था को सुचारू बनाया जा सके। बैठक में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह और नगर नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी ने भी अपने बहुमूल्य सुझाव दिए।


बद्दी में ‘हिम चंडीगढ़’ सिटी: आधुनिक हिमाचल की नई पहचान

बैठक का दूसरा मुख्य एजेंडा सोलन जिले के बद्दी में प्रस्तावित ‘हिम चंडीगढ़ सिटी’ प्रोजेक्ट था। यह प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में से एक माना जा रहा है। इसका उद्देश्य बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (BBN) क्षेत्र में काम करने वाले लोगों और उद्योगपतियों को चंडीगढ़ की तर्ज पर आधुनिक आवासीय सुविधाएं प्रदान करना है।

जमीन और सर्वेक्षण का काम तेज: उपायुक्त सोलन, मनमोहन शर्मा ने प्रोजेक्ट को लेकर एक विस्तृत प्रस्तुति दी। बैठक में बताया गया कि:

  1. भूमि आवंटन: हिमुडा (HIMUDA) को अब तक 3,428 बीघा भूमि आवंटित की जा चुकी है।
  2. कॉमन पूल: करीब 5,000 से 6,000 बीघा अतिरिक्त सरकारी भूमि को भी चिन्हित किया गया है, जिसे इस प्रोजेक्ट में शामिल किया जाएगा।
  3. डिजिटलाइजेशन: राजस्व मंत्री ने निर्देश दिए कि हिमुडा जल्द ही ड्रोन सर्वे के माध्यम से जमीन के नक्शों (मुसाबी) को डिजिटलाइज करेगा।
  4. डेडलाइन: राजस्व विभाग और हिमुडा के तहसीलदार अगले एक महीने के भीतर जमीन का एकत्रीकरण (Consolidation) कर उसे एक बड़े ‘चंक’ के रूप में तैयार करेंगे, ताकि निर्माण कार्य में कोई बाधा न आए।
भविष्य की राह

इन दोनों परियोजनाओं से हिमाचल प्रदेश के शहरी विकास को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद है। जहां शिमला अपनी पुरानी पहचान और सुगम यातायात को वापस पाएगा, वहीं बद्दी में ‘हिम चंडीगढ़’ के बनने से राज्य के राजस्व में वृद्धि होगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

बैठक में मुख्यमंत्री के इन्फ्रास्ट्रक्चर एडवायजर अनिल कपिल, नगर निगम शिमला के आयुक्त भूपेंद्र अत्री, हिमुडा के सीईओ सुरेंद्र वशिष्ठ और संयुक्त सचिव लॉ विवेक ज्योति सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। उप-समिति की अगली बैठक में इन कार्यों की प्रगति की फिर से समीक्षा की जाएगी।

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