अब राशन मिलेगा फेस ऑथेंटिकेशन से, डिपुओं में लगेंगी नई पीओएस मशीनें

On: January 22, 2026 12:52 PM
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शिमला। हिमाचल प्रदेश के करीब 5100 से अधिक उचित मूल्य की दुकानों (राशन डिपुओं) में जल्द ही आधुनिक तकनीक से लैस नई पीओएस मशीनें लगाई जाएंगी। इसके बाद राज्य के लगभग साढ़े 19 लाख राशनकार्ड धारक परिवारों को राशन लेने के लिए फिंगरप्रिंट या ओटीपी की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि फेस ऑथेंटिकेशन और आई-स्कैनिंग के माध्यम से ही पहचान सत्यापित कर राशन प्राप्त किया जा सकेगा।

खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से सभी लाभार्थियों की ई-केवाईसी पहले ही पूरी कर ली गई है, जिससे परिवार के किसी भी सदस्य की पहचान के आधार पर राशन वितरण संभव होगा। नई प्रणाली के लागू होने से उपभोक्ताओं को लंबी प्रक्रिया से राहत मिलेगी और डिपुओं पर पारदर्शिता भी बढ़ेगी।

नई पीओएस मशीनों से मिलेगा डिजिटल बिल

नई मशीनों की खास बात यह होगी कि हर उपभोक्ता को राशन लेने के बाद डिजिटल बिल का प्रिंट भी उपलब्ध कराया जाएगा। इससे उपभोक्ता को यह स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी कि उसे कितना और किस दर पर राशन मिला है। खाद्य आपूर्ति निदेशालय शिमला की ओर से टेंडर प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि अप्रैल से शुरू होने वाले नए वित्तीय वर्ष में इन हाईटेक मशीनों की आपूर्ति शुरू की जा सके।

टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में

खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले निदेशालय के निदेशक आर.के. गौतम ने बताया कि वर्तमान में डिपुओं में लगी पुरानी पीओएस मशीनों को चरणबद्ध तरीके से बदला जाएगा। इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया लगभग अंतिम चरण में है। नई मशीनों के आने से राशन वितरण प्रणाली अधिक सुचारू, सुरक्षित और पारदर्शी बनेगी।

प्रदेश में 19.60 लाख से अधिक राशनकार्ड धारक

प्रदेश में इस समय लगभग 19 लाख 60 हजार से अधिक राशनकार्ड धारक पंजीकृत हैं, जिन्हें 5100 के करीब उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से राशन उपलब्ध कराया जाता है। अंत्योदय, बीपीएल और पीएचएच श्रेणी के परिवारों को मुफ्त या रियायती दरों पर, जबकि एपीएल और अन्य वर्गों को सब्सिडी के तहत बाजार से कम कीमत पर खाद्यान्न दिया जाता है।

खाद्य आपूर्ति विभाग का कहना है कि नई तकनीक से न केवल फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी, बल्कि वास्तविक लाभार्थियों को समय पर और पारदर्शी तरीके से राशन उपलब्ध हो सकेगा। इस नई व्यवस्था को राज्य में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

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Akshay Chauhan

अक्षय चौहान पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता एवं मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे साप्ताहिक हिमालयन डॉन के संपादकीय एवं प्रबंधन कार्यों का सफलतापूर्वक नेतृत्व कर रहे हैं। समाचार संकलन, संपादन, डिजिटल मीडिया, कंटेंट प्रबंधन तथा समाचार पत्र के संचालन में उनका व्यापक अनुभव रहा है।

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