शिमला: हिमाचल प्रदेश में साइबर ठग अब आम लोगों को ठगने के लिए हर दिन नए-नए और शातिर तरीके अपना रहे हैं। हाल ही में राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अन्य हिस्सों से ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां साइबर अपराधियों ने लोगों के WhatsApp अकाउंट हैक कर उनके दोस्तों और रिश्तेदारों से पैसों की मांग की है।
इस गंभीर खतरे को देखते हुए साइबर पुलिस (Cyber Crime Unit) ने प्रदेश वासियों के लिए एक विशेष एडवायजरी जारी की है।
कैसे बुना जाता है ठगी का जाल?
साइबर ठग अब ‘कस्टमर केयर ऑफिसर’ बनकर लोगों को शिकार बना रहे हैं। ठगी की प्रक्रिया कुछ इस तरह होती है:
- नेटवर्क अपग्रेड का झांसा: ठग कॉल करके दावा करते हैं कि वे आपकी सिम को 2G से 4G/5G में अपग्रेड कर रहे हैं या सिग्नल की समस्या को ठीक कर रहे हैं।
- कॉल फॉरवर्डिंग कोड: ठग झांसे में लेकर आपसे एक खास कोड डायल करवाते हैं (जैसे Jio के लिए *401*xxxxxxxxxx)। इस कोड को डायल करते ही आपके नंबर पर आने वाली सभी कॉल्स ठग के पास डायवर्ट हो जाती हैं।
- WhatsApp हैकिंग: कॉल डायवर्ट होते ही ठग अपने फोन में आपका WhatsApp लॉग-इन करते हैं। जब ‘कॉल के जरिए OTP’ (Call for OTP) का विकल्प चुना जाता है, तो वह कॉल सीधे ठग के पास जाती है और आपका अकाउंट उनके नियंत्रण में चला जाता है।
- पैसों की मांग: अकाउंट हैक होने के बाद ठग आपके करीबियों को इमरजेंसी का संदेश भेजकर तुरंत पैसे ट्रांसफर करने को कहते हैं।
डीआईजी साइबर क्राइम की अपील
डीआईजी साइबर क्राइम रोहित मालपानी ने जनता से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि कोई भी टेलीकॉम कंपनी या बैंक इस तरह के कोड डायल करने के लिए नहीं कहता। बिना जांचे-परखे किसी भी अनजान कॉल पर बताए गए नंबर या कोड को अपने मोबाइल में बिल्कुल न डालें।
खुद को कैसे सुरक्षित रखें?
हिमालयन डॉन अपने पाठकों से अपील करता है कि साइबर सुरक्षा के इन 4 नियमों का पालन करें:
- टू-स्टेप वेरिफिकेशन (Two-Step Verification): अपने WhatsApp और सोशल मीडिया अकाउंट्स पर तुरंत टू-स्टेप वेरिफिकेशन इनेबल करें। यह सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत जोड़ता है।
- मजबूत पासवर्ड: पासवर्ड में हमेशा नंबर, अक्षर (Letters) और चिन्हों (Symbols) का मेल रखें।
- अपुष्ट कॉल से बचें: किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने फोन से कोई भी ‘कोड’ डायल न करें।
- पैसे भेजने से पहले पुष्टि करें: यदि सोशल मीडिया पर कोई दोस्त या रिश्तेदार अचानक पैसों की मदद मांगे, तो पहले उन्हें सीधे कॉल करके सच्चाई जरूर जान लें।
याद रखें: आपकी सतर्कता ही साइबर ठगों का सबसे बड़ा बचाव है। इस जानकारी को अधिक से अधिक लोगों तक साझा करें ताकि वे सुरक्षित रह सकें।
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