हिमाचल शिक्षा क्षेत्र में बड़ा बदलाव

हिमाचल शिक्षा क्षेत्र में बड़ा बदलाव: अब स्कूली पाठ्यक्रम में पढ़ाई जाएगी प्रदेश की वीर गाथा और संस्कृति।

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सोलन। हिमाचल प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को विश्वस्तरीय बनाने और छात्रों को अपनी जड़ों से जोड़ने के लिए प्रदेश सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सोलन स्थित राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने स्पष्ट किया कि ‘गुणवत्तायुक्त शिक्षा’ ही सरकार का मुख्य ध्येय है। उन्होंने कहा कि अध्यापकों का आधुनिक प्रशिक्षण और एक समृद्ध पाठ्यक्रम ही बेहतर भविष्य की नींव रख सकता है।

पाठ्यक्रम में शामिल होगा हिमाचल का इतिहास और शौर्य गाथा

बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय स्कूली पाठ्यक्रम में बदलाव को लेकर रहा। अब हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों के छात्र न केवल किताबी ज्ञान लेंगे, बल्कि उन्हें प्रदेश के समृद्ध इतिहास, लोक कला और संस्कृति की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

  • वीरता की कहानियाँ: स्वतंत्रता संग्राम में हिमाचल के योगदान, प्रजामण्डल और पझौता आंदोलन के अनसुने किस्सों को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाएगा।
  • स्थानीय धरोहर: प्राचीन मंदिरों, किलों और ऐतिहासिक स्थलों के बारे में सारगर्भित जानकारी दी जाएगी।
  • शौर्य गाथा: आजादी के बाद देश की रक्षा में प्राण न्योछावर करने वाले हिमाचली वीरों की गाथाएं युवा पीढ़ी को प्रेरित करेंगी।
राष्ट्रीय रैंकिंग में बड़ी छलांग: 21वें से सीधे 5वें पायदान पर

शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने गर्व के साथ साझा किया कि प्रदेश सरकार के निर्णायक सुधारों के चलते हिमाचल प्रदेश ने शिक्षा की गुणवत्ता के राष्ट्रीय आकलन में ऐतिहासिक सुधार किया है। उन्होंने बताया कि हिमाचल पहले 21वें स्थान पर था, जो अब सुधरकर 5वें स्थान पर पहुँच गया है। यह उपलब्धि शिक्षकों, छात्रों और अभिभावकों के साझा प्रयासों का परिणाम है।

क्लस्टर स्कूल प्रणाली और सीबीएसई कॉडर

संसाधनों के अधिकतम उपयोग के लिए सरकार ने क्लस्टर स्कूल प्रणाली को प्रभावी ढंग से लागू किया है।

  • इसके तहत 300 से 500 मीटर के दायरे में आने वाले स्कूलों को एक समूह (Cluster) में जोड़ा गया है।
  • इससे पुस्तकालय (Library), प्रयोगशाला (Lab) और खेल सामग्री का साझा उपयोग संभव हुआ है।
  • बेहतर परिणामों के लिए अब सीबीएसई (CBSE) पाठ्यक्रम वाले स्कूलों के लिए एक विशेष कॉडर तैयार किया जा रहा है।
शिक्षा के क्षेत्र में तकनीकी और गुणात्मक सुधार

शिक्षा मंत्री ने SCERT और जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थानों (DIET) की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि अध्यापकों को वर्तमान समय की डिजिटल आवश्यकताओं के अनुसार प्रशिक्षित किया जा रहा है।

  • आधुनिक पठन-सामग्री: छात्रों के संपूर्ण विकास के लिए व्यवस्थित अधोसंरचना तैयार की जा रही है।
  • साक्षरता दर: उन्होंने याद दिलाया कि आजादी के समय प्रदेश की साक्षरता दर मात्र 7% थी, जो आज बढ़कर 99.03% हो गई है, जो एक अभूतपूर्व उपलब्धि है।

इस समीक्षा बैठक में हिमाचल प्रदेश राज्य उच्च शिक्षा आयोग के अध्यक्ष सर्वजोत सिंह बहल, शिक्षा निदेशक आशीष कोहली, समग्र शिक्षा के परियोजना निदेशक राजेश शर्मा, स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव डॉ. मेजर विशाल शर्मा और उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। SCERT सोलन की प्राचार्य रीतू शर्मा सोनी ने बैठक का सफल संचालन किया।

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