सोलन (कमलेश), 22 मई। हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को आने वाले दिनों में तेज गर्मी और लू का सामना करना पड़ सकता है। डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी ताजा एग्रो-एडवाइजरी बुलेटिन में प्रदेश के कई जिलों के लिए हीटवेव और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है
मौसम विभाग के अनुसार अगले पांच दिनों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा, जबकि अधिकतम तापमान 33 से 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। न्यूनतम तापमान 17 से 19 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।
22 मई को तेज हवाएं, 26 मई को लू का खतरा
एडवाइजरी के मुताबिक 22 मई को सोलन, शिमला, बिलासपुर और सिरमौर जिलों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। किसानों को खराब मौसम के दौरान खुले खेतों, बिजली के खंभों और ऊंचे पेड़ों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
वहीं 26 मई को सोलन और बिलासपुर के अलग-अलग क्षेत्रों में भीषण लू (Heat Wave) चलने की आशंका जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है।
गर्मी से फसलों पर असर, किसानों के लिए खास सलाह
कृषि वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि बढ़ते तापमान के कारण फसलों में वाष्पोत्सर्जन की दर तेजी से बढ़ेगी, जिससे मिट्टी की नमी कम होगी और उत्पादन प्रभावित हो सकता है। इसे देखते हुए किसानों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की गई है।
सिंचाई सुबह-शाम करें
फसलों और सब्जियों की सिंचाई केवल सुबह जल्दी या देर शाम को करने की सलाह दी गई है। गर्मी अधिक होने की स्थिति में पानी देने की आवृत्ति बढ़ाने को कहा गया है।
बगीचों में मल्चिंग जरूरी
सेब, आड़ू, प्लम और खुबानी जैसे गुठलीदार फलों के पौधों के चारों ओर 10 से 15 सेंटीमीटर मोटी सूखी घास या भूसे की परत बिछाने की सलाह दी गई है ताकि मिट्टी में नमी बनी रहे।
प्याज और लहसुन की तुरंत कटाई करें
जिन किसानों ने अभी तक प्याज और लहसुन की खुदाई नहीं की है, उन्हें तुरंत फसल निकालकर हवादार कमरों में सुरक्षित रखने को कहा गया है।
टमाटर और शिमला मिर्च उत्पादकों के लिए अलर्ट
वैज्ञानिकों ने टमाटर के पौधों को सहारा देने और लगातार निगरानी रखने की सलाह दी है। 30 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान में टमाटर में लीफ कर्ल रोग का खतरा बढ़ जाता है।
प्राकृतिक खेती करने वाले किसान रखें ध्यान
कीट नियंत्रण के लिए साफ मौसम में अग्निअस्त्र, ब्रह्मास्त्र और नीमअस्त्र का 3 प्रतिशत घोल बनाकर साप्ताहिक छिड़काव करने की सलाह दी गई है।
पशुपालकों के लिए भी चेतावनी
दूधारू पशुओं को सीधे धूप से बचाने और उन्हें छायादार स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है। पशुओं के शरीर और पैरों पर पानी का छिड़काव करने तथा पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने को कहा गया है।
जंगलों में आग का बढ़ा खतरा
तेज गर्मी और कम होती नमी के कारण जंगलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। लोगों से जंगलों के पास जलती वस्तुएं न फेंकने और कचरा या सूखी घास न जलाने की अपील की गई है।
किसानों के लिए उपयोगी ऐप
मौसम और खेती से जुड़ी सटीक जानकारी अपनी स्थानीय भाषा में प्राप्त करने के लिए किसानों को MEGHDOOT मोबाइल ऐप का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
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