शिक्षा में हिमाचल की बड़ी उड़ान, देशभर में छठे स्थान पर पहुंचा प्रदेश; CM सुक्खू बोले- भाजपा ने खोले स्कूल, हमने सुधारी शिक्षा

On: May 20, 2026 5:52 PM
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PGI 2.0 रिपोर्ट में हिमाचल प्रदेश देशभर में 6वें स्थान पर, मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की प्रतिक्रिया
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हिमालयन डॉन संवाददाता, शिमला, 20 मई: हिमाचल प्रदेश ने एक बार फिर शिक्षा के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान दर्ज कराते हुए राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI) 2.0 रिपोर्ट में हिमाचल प्रदेश ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे देश में छठा स्थान हासिल किया है। प्रदेश ने सात स्थानों की जबरदस्त छलांग लगाकर 13वें स्थान से सीधे टॉप-6 में जगह बनाई है। वहीं राज्यों की श्रेणी में हिमाचल तीसरे स्थान पर पहुंच गया है।

इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu ने प्रदेशवासियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और शिक्षा विभाग को बधाई देते हुए कहा कि यह सामूहिक मेहनत और सरकार की शिक्षा सुधार नीतियों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि हिमाचल का ‘प्रचेष्टा-2’ जैसी प्रतिष्ठित श्रेणी में शामिल होना पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार शिक्षा व्यवस्था को केवल संस्थानों की संख्या तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और प्रतिस्पर्धी शिक्षा देने पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार ने बिना बजट और बिना पर्याप्त स्टाफ के स्कूल खोलने पर जोर दिया, जिससे शिक्षा व्यवस्था कमजोर हुई। जबकि वर्तमान सरकार स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता, आधुनिक सुविधाएं और बेहतर शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित कर रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने सत्ता संभालते ही कई बड़े शिक्षा सुधार लागू किए। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से ही इंग्लिश मीडियम शिक्षा शुरू की गई है। साथ ही हर विधानसभा क्षेत्र में कम से कम एक राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल स्थापित किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी शहरों जैसी आधुनिक शिक्षा सुविधाएं मिल सकें।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया कि प्रदेश सरकार शिक्षकों को आधुनिक शिक्षा प्रणाली का अनुभव देने के लिए विदेशों में एक्सपोजर विजिट पर भेज रही है। वहीं मेधावी विद्यार्थियों को भी विदेश भ्रमण का अवसर दिया गया है, ताकि वे वैश्विक शिक्षा व्यवस्था को समझ सकें और उनमें आत्मविश्वास बढ़े।

उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षकों के खाली पदों को प्राथमिकता के आधार पर भर रही है ताकि किसी भी स्कूल में पढ़ाई प्रभावित न हो। इसके अलावा प्रदेश के 156 विद्यालयों को CBSE पैटर्न से जोड़ा जा रहा है, जहां कला, विज्ञान और वाणिज्य तीनों संकायों की पढ़ाई शुरू की जाएगी। इन संस्थानों में आवश्यक शिक्षकों और कर्मचारियों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत और आधुनिक बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार का उद्देश्य ऐसा शैक्षणिक माहौल तैयार करना है, जिससे हिमाचल के युवाओं को बेहतर शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों की ओर न जाना पड़े।

उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में हिमाचल प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान और मजबूत करेगा।


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