शिमला | हिमाचल प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। जहां एक ओर महंगाई की मार हर तरफ महसूस की जा रही है, वहीं बिजली राज्य नियामक आयोग ने प्रदेशवासियों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बिजली की नई और संशोधित दरें जारी कर दी गई हैं, जो सीधे तौर पर 1 अप्रैल 2026 से आपके घरों और उद्योगों के मीटर पर लागू हो जाएंगी।
क्या है इस कटौती के पीछे की कहानी?
हैरानी की बात यह है कि जहां बिजली बोर्ड की याचिका के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि बिजली की दरें करीब 30 पैसे प्रति यूनिट तक महंगी हो सकती हैं, वहीं रेगुलेटरी कमीशन ने आंकड़ों की समीक्षा के बाद 1 पैसा प्रति यूनिट की कटौती कर सबको चौंका दिया है।
आयोग ने इस साल बिजली आपूर्ति की औसत लागत को ₹6.76 से घटाकर ₹6.75 प्रति यूनिट रहने का अनुमान लगाया है। इसी वजह से यह छोटी लेकिन राहत भरी कटौती संभव हो पाई है।
आपकी कैटेगरी में क्या होगा नया रेट? (एक नजर में)
बोर्ड ने अलग-अलग श्रेणियों के लिए नए टैरिफ स्लैब निर्धारित किए हैं, जो इस प्रकार हैं:
उपभोक्ता श्रेणी | नया टैरिफ रेट (₹ प्रति किलोवाट/यूनिट) |
|---|---|
घरेलू उपभोक्ता (General) | ₹4.71 |
घरेलू (0-125 यूनिट) | ₹5.44 |
घरेलू (126 यूनिट से ऊपर) | ₹5.89 |
व्यावसायिक (Commercial) | ₹6.39 से ₹6.20 |
छोटे उद्योग | ₹5.71 से ₹5.60 |
कृषि उपभोक्ता | ₹5.03 |
EV चार्जिंग स्टेशन | ₹6.78 |
अस्थाई सप्लाई | ₹8.29 से ₹7.67 |
उद्योगों और सिंचाई योजनाओं को भी लाभ
सिर्फ घरेलू ही नहीं, बल्कि बड़े उद्योगों के लिए भी टैरिफ ₹5.45 से ₹5.60 के बीच रखा गया है। पेयजल और सिंचाई योजनाओं के लिए भी दरों को संतुलित रखा गया है ताकि किसानों और आम जनता पर बोझ न बढ़े। रेलवे के लिए टैरिफ ₹6.29 तय किया गया है।
ये नई दरें 1 अप्रैल से प्रभावी होंगी। बिजली बोर्ड ने इस साल की कुल वार्षिक राजस्व आवश्यकता का अनुमान ₹8,636.16 करोड़ लगाया है।
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