सोलन। हिमाचल प्रदेश में एपीएल राशनकार्ड धारकों को मार्च महीने में बड़ा झटका लगा है। सरकार ने डिपुओं पर मिलने वाले आटे की मात्रा घटाकर 11 किलो प्रति कार्ड कर दी है। होली और नवरात्रों से पहले हुई इस कटौती से मध्यम वर्ग और एपीएल परिवारों के मासिक बजट पर सीधा असर पड़ेगा।
दो साल बाद इतनी बड़ी कटौती
सरकारी डिपुओं में पहले 14 किलो आटा मिलता था। फरवरी में इसे घटाकर 13 किलो किया गया और अब मार्च में 2 किलो और कम कर दिया गया है। करीब दो साल बाद एक साथ इतनी बड़ी कटौती की गई है। इससे पहले मई 2023 में 11 किलो आटा दिया गया था।
डिपुओं में मार्च के पहले सप्ताह तक पहुंचेगा राशन
खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने जिला अधिकारियों को राशन आवंटन जारी कर दिया है।
सोलन के जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक श्रवण हिमालयन ने पुष्टि करते हुए बताया कि मार्च के पहले सप्ताह में सभी डिपुओं तक राशन पहुंच जाएगा और एपीएल उपभोक्ताओं को 11 किलो आटा ही वितरित किया जाएगा।
12.50 लाख कार्डधारकों पर असर
प्रदेश में लगभग 19 लाख राशन कार्ड हैं, जिनमें करीब 12.50 लाख एपीएल श्रेणी के हैं। सप्लाई में कटौती का सीधा असर इसी वर्ग पर पड़ता है। डिपुओं के राशन पर निर्भर परिवारों को अब अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा।
बाजार में तीन गुना महंगा आटा
डिपुओं पर एपीएल उपभोक्ताओं को आटा 12 रुपये प्रति किलो के अनुदानित दर पर मिलता है। जबकि बाजार में यही आटा 36 से 45 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। ऐसे में कम सप्लाई के कारण परिवारों को महंगे दामों पर आटा खरीदना पड़ेगा, जिससे त्योहारों का बजट प्रभावित होगा।
अन्य राशन सामग्री पहले जैसी
सरकार की ओर से वर्तमान में एपीएल उपभोक्ताओं को तीन प्रकार की दालें (मलका, माश, चना), दो लीटर तेल, चीनी और एक किलो नमक दिया जा रहा है। आटा और चावल केंद्र सरकार की सब्सिडी योजना के तहत उपलब्ध हैं।
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