✍️ संदीप शर्मा, हिमालयन डॉन। आज 05 फरवरी 2026, गुरुवार का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। आज फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है, जिसे संकष्टी चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा और व्रत करने से जीवन के संकट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
आज का पंचांग विवरण
तिथि: फाल्गुन कृष्ण पक्ष चतुर्थी
वार: गुरुवार
विक्रम संवत: 2082
शक संवत: 1947
आयन: उत्तरायण
ऋतु: शिशिर
हिंदू माह: फाल्गुन
सूर्य और चंद्र की स्थिति
सूर्य राशि: मकर
चंद्र राशि: कन्या
सूर्य-चंद्र समय
सूर्योदय: प्रातः लगभग 7:09 बजे
सूर्यास्त: सायं लगभग 6:12 बजे
चंद्र उदय: रात्रि लगभग 9:39 बजे
नक्षत्र, योग और करण
नक्षत्र: उत्तराफाल्गुनी (रात्रि तक), तत्पश्चात हस्त
योग: सुकर्मा योग
करण: बावा, बालव
आज के शुभ-अशुभ मुहूर्त
शुभ समय
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:32 से 6:20 बजे
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:18 से 1:02 बजे
अमृत काल: दोपहर 3:31 से 5:10 बजे
अशुभ समय
राहुकाल: दोपहर 2:03 से 3:26 बजे
यमगंड: सुबह 7:09 से 8:31 बजे
गुलिक काल: सुबह 9:54 से 11:17 बजे
आज का व्रत: संकष्टी चतुर्थी
आज संकष्टी चतुर्थी व्रत रखा जा रहा है। यह व्रत भगवान गणेश को समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा से व्रत रखने और चंद्र दर्शन के बाद पूजा करने से सभी प्रकार के कष्ट, विघ्न और बाधाएं समाप्त होती हैं।
संकष्टी चतुर्थी व्रत का महत्व
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, संकष्टी चतुर्थी का व्रत करने से
मानसिक तनाव दूर होता है
कार्यों में सफलता मिलती है
संतान, शिक्षा और करियर से जुड़े संकट समाप्त होते हैं
गणेश जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है
संकष्टी चतुर्थी पूजा विधि
प्रातः स्नान कर व्रत का संकल्प लें
दिनभर उपवास रखें
सायंकाल गणेश जी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें
दूर्वा, मोदक, लाल फूल अर्पित करें
गणेश मंत्र का जाप करें
चंद्र उदय के बाद अर्घ्य देकर व्रत का पारण करें
विशेष संदेश
आज गुरुवार और संकष्टी चतुर्थी का शुभ संयोग है। इस दिन भगवान गणेश और गुरु की पूजा करने से जीवन में सकारात्मकता आती है और रुके हुए कार्य पूर्ण होते हैं।
डिस्क्लेमर
यह पंचांग सामान्य धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। स्थान के अनुसार समय में थोड़ा अंतर संभव है।
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