शिमला: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के मूल निवासी और विश्व प्रसिद्ध पूर्व WWE रेसलर ‘द ग्रेट खली’ (दलीप सिंह राणा) ने प्रदेश के राजस्व विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर मोर्चा खोल दिया है। शिमला में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान खली ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी पुश्तैनी जमीन को फर्जी दस्तावेजों के सहारे हड़प लिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
खली के अनुसार, उनके पिता ने पांवटा साहिब के सूरजपुर क्षेत्र में करीब 16 बीघा जमीन खरीदी थी। खली का दावा है कि वहां तैनात तहसीलदार ने नियमों को ताक पर रखकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और उन्हें उनकी ही जमीन से बेदखल कर दिया। खली ने बताया कि जमीन की रजिस्ट्री तक किसी और के नाम कर दी गई है।
”100 से अधिक लोग हुए इस घोटाले का शिकार”
प्रेस कॉन्फ्रेंस में खली ने इस मामले को केवल अपने तक सीमित नहीं बताया। उन्होंने दावा किया कि:
- लगभग 100 अन्य लोग भी इसी तरह के भूमि घोटाले का शिकार हुए हैं।
- पांवटा साहिब में सार्वजनिक पार्कों तक को अवैध तरीके से बेच दिया गया है।
- अधिकारियों ने खुद को संविधान से ऊपर समझ लिया है और बड़े पैमाने पर धांधली हो रही है।
निष्पक्ष जांच की मांग और CM से मुलाकात
खली ने प्रदेश सरकार और प्रशासन के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि उपायुक्त (DC) द्वारा गठित जांच कमेटी निष्पक्ष काम नहीं कर रही है। उन्होंने मांग की है कि वर्तमान जांच कमेटी को तुरंत बदला जाए और आरोपी तहसीलदार की संपत्तियों की विस्तृत जांच करवाई जाए।
गौरतलब है कि खली इस मुद्दे को लेकर पहले भी नाहन और पांवटा साहिब में प्रेस वार्ता कर चुके हैं। हाल ही में उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से भी मुलाकात की और उन्हें राजस्व विभाग में चल रही इन कथित अनियमितताओं से अवगत कराया।
“मेरे साथ-साथ कई गरीब लोग इस तंत्र का शिकार हुए हैं। मैं तब तक चुप नहीं बैठूंगा जब तक न्याय नहीं मिल जाता।” — द ग्रेट खली
