शिमला: हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ हुई नारेबाजी पर कड़ा प्रहार किया है। शिमला से जारी एक कड़े बयान में उन्होंने कहा कि यह घटना वामपंथी और कांग्रेसी विचारधारा की उस हताशा को दर्शाती है, जो सत्ता और जनसमर्थन खोने के बाद अब मर्यादाएं लांघने पर उतारू हैं।
‘देश के दिलों में बसते हैं मोदी-शाह’
जयराम ठाकुर ने कहा कि पीएम मोदी और अमित शाह के खिलाफ लगाए गए अमर्यादित नारे एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा:
- ऐतिहासिक नेतृत्व: पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बना है और गुड गवर्नेंस हर नागरिक तक पहुंची है।
- आंतरिक सुरक्षा: अमित शाह के नेतृत्व में देश की सुरक्षा मजबूत हुई है और नक्सलवाद का ‘रेड कॉरिडोर’ खात्मे की कगार पर है।
- जनता देगी जवाब: उन्होंने चेतावनी दी कि देश को गाली देने वाली राजनीति का खामियाजा कांग्रेस और उसके सहयोगी दल पहले भी भुगत चुके हैं और आगे भी जनता इन्हें करारा जवाब देगी।
हिमाचल सरकार पर प्रहार: ‘आवासीय प्लाटों की फीस बढ़ाना जन विरोधी’
नारेबाजी के मुद्दे के साथ-साथ जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार को प्रदेश में बढ़ती महंगाई पर भी घेरा। उन्होंने रेरा (RERA) के तहत हाउसिंग प्रोजेक्ट के पंजीकरण शुल्क में चार गुना वृद्धि को “जन विरोधी” करार दिया।
जयराम ठाकुर के सरकार पर मुख्य आरोप:
- महंगा हुआ आशियाना: आपदा की मार झेल रहे प्रदेशवासियों के लिए घर बनाना अब सपना होता जा रहा है।
- फीस में बेतहाशा वृद्धि: पहले नक्शा पास करने की फीस बढ़ाई, फिर सीमेंट महंगा किया और अब रजिस्ट्रेशन फीस बढ़ाकर मध्यम वर्ग पर बोझ डाल दिया।
- व्यवस्था परिवर्तन का सच: नेता प्रतिपक्ष ने तंज कसते हुए कहा कि ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के नाम पर केवल महंगाई और आम आदमी की परेशानियां बढ़ी हैं।
“शिक्षण संस्थानों को अराजकता का अड्डा न बनने दें” जयराम ठाकुर ने सरकार और प्रशासन से जेएनयू घटना की गंभीरता से जांच करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि शैक्षणिक परिसरों की गरिमा बनी रहे।
