हिमाचल पंचायत चुनाव 2026: 31 मार्च तक जारी होगा आरक्षण रोस्टर; जानें नई पंचायतों और परिसीमन पर ताजा अपडेट

On: March 14, 2026 6:53 AM
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हिमाचल प्रदेश पंचायत चुनाव 2026 आरक्षण रोस्टर का काल्पनिक फोटो।
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शिमला: हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं और शहरी निकायों के चुनाव को लेकर अनिश्चितता के बादल छंट गए हैं। सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख के बाद प्रदेश सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनावी मशीनरी को पूरी रफ्तार से सक्रिय कर दिया है। ताजा घटनाक्रम में सरकार ने स्पष्ट किया है कि 15 मार्च को नई पंचायतों की फाइनल अधिसूचना जारी कर दी जाएगी, जिसके तुरंत बाद चुनावी प्रक्रिया का सबसे अहम पड़ाव यानी ‘आरक्षण रोस्टर’ का काम शुरू होगा।

वार्डों के परिसीमन पर अंतिम मुहर, 20 मार्च तक पूरा होगा काम

​पंचायतीराज विभाग को जारी आदेशों के अनुसार, वार्डों के डि-लिमिटेशन (परिसीमन) की प्रक्रिया 20 मार्च तक हर हाल में पूरी करनी होगी। इसके तुरंत बाद जिला उपायुक्तों (DC) की देखरेख में आरक्षण रोस्टर तैयार करने का काम शुरू होगा। विभागीय सूत्रों की मानें तो 25 मार्च के आसपास रोस्टर की फाइनल अधिसूचना जारी करने की तैयारी है, ताकि 31 मार्च तक सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अनुपालना रिपोर्ट सौंपी जा सके।

अब नहीं बनेंगी और नई पंचायतें; 800 में से सिर्फ 136 को हरी झंडी

​सुप्रीम कोर्ट के आदेशों ने सरकार के पास समय की गुंजाइश कम कर दी है। यही वजह है कि विभाग ने 10 मार्च से नई पंचायतों के लिए आवेदन लेना पूरी तरह बंद कर दिया है। हालांकि, विभाग के पास लगभग 800 नई पंचायतों के गठन के प्रस्ताव आए थे, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए केवल 136 पंचायतों के गठन को ही हरी झंडी दी गई है। शेष 64 पंचायतों के लिए जनता से आपत्तियां और सुझाव मांगे गए हैं, जिसका निपटारा रविवार तक कर फाइनल नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा।

बैजनाथ की इन 4 पंचायतों का अस्तित्व खत्म, नगर पंचायत में विलय

​प्रशासनिक फेरबदल के बीच कांगड़ा जिला के बैजनाथ से बड़ी खबर है। यहाँ की चार प्रमुख पंचायतों—बीड़, चौगान, गनेहड़ और क्यारी—का वजूद अब समाप्त हो गया है। इन चारों पंचायतों को अब नवगठित ‘बीड़ नगर पंचायत’ के दायरे में शामिल कर लिया गया है। इस विलय के बाद अब इन क्षेत्रों में चुनावी समीकरण पूरी तरह बदलने वाले हैं।

राज्य निर्वाचन आयोग का एक्शन प्लान: मतदाता सूचियों पर फोकस

​शुक्रवार को राजधानी शिमला में राज्य निर्वाचन आयोग, पंचायतीराज विभाग और शहरी विकास विभाग के बीच मैराथन बैठकों का दौर चला। आयोग ने सख्त हिदायत दी है कि जैसे ही रोस्टर और पंचायतों का डेटा फाइनल होगा, तुरंत मतदाता सूचियों के प्रकाशन का काम शुरू कर दिया जाए। इसमें नए मतदाताओं के नाम जोड़ने और दावों-आपत्तियों के निपटारे के लिए भी विशेष समय दिया जाएगा।

​आयोग का मानना है कि रोस्टर प्रक्रिया में कम से कम 2 से 3 दिन का समय लगेगा, जिसके बाद चुनावी दस्तावेजों का हस्तांतरण होगा। फिलहाल, सचिवालय से लेकर जिला मुख्यालयों तक चुनावी तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है।

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Akshay Chauhan

अक्षय चौहान पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता एवं मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे साप्ताहिक हिमालयन डॉन के संपादकीय एवं प्रबंधन कार्यों का सफलतापूर्वक नेतृत्व कर रहे हैं। समाचार संकलन, संपादन, डिजिटल मीडिया, कंटेंट प्रबंधन तथा समाचार पत्र के संचालन में उनका व्यापक अनुभव रहा है।

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