Electricity will become 'smart' in Himachal Pradesh

हिमाचल में ‘स्मार्ट’ होगी बिजली: अब हर 15 मिनट में मिलेगा खपत का अपडेट, बिना शिकायत दूर होगा फॉल्ट!

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शिमला। हिमाचल प्रदेश में अब बिजली का बिल और सप्लाई व्यवस्था पुराने ढर्रे को छोड़कर पूरी तरह ‘डिजिटल अवतार’ लेने जा रही है। हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड लिमिटेड (HPSEBL) ने प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने के अभियान को तेज कर दिया है। इस नई व्यवस्था के लागू होने से न केवल बिजली बिलों की पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि उपभोक्ताओं को बिजली चोरी और गलत बिलिंग जैसी सिरदर्दी से भी हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी।

रियल टाइम ट्रैकिंग: हर 15 मिनट में जेब का हिसाब

स्मार्ट मीटर तकनीक की सबसे बड़ी खासियत इसका ‘रियल टाइम डाटा’ सिस्टम है। अब उपभोक्ताओं को महीने के अंत में आने वाले बिल का इंतजार नहीं करना होगा। यह मीटर सीधे बिजली बोर्ड के मुख्य सर्वर से जुड़े रहेंगे, जिससे हर 15 मिनट बाद उपभोक्ता अपनी बिजली खपत का सटीक विवरण जान सकेंगे। इससे लोग अपनी खपत पर नजर रखकर बिजली की बचत भी कर पाएंगे।


बिना फोन किए ठीक होगी बिजली!

अक्सर देखा जाता है कि बिजली कटने पर उपभोक्ताओं को शिकायत केंद्र के चक्कर काटने पड़ते हैं या फोन करना पड़ता है। लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद यह तस्वीर बदल जाएगी:

  • ऑटो अलर्ट: जैसे ही किसी क्षेत्र की सप्लाई बाधित होगी, सिस्टम ऑटोमैटिक तरीके से संबंधित अधिकारियों को अलर्ट भेज देगा।
  • त्वरित कार्रवाई: अधिकारियों को बिना शिकायत के ही पता चल जाएगा कि फॉल्ट कहाँ है, जिससे फील्ड स्टाफ तुरंत मौके पर पहुंचकर सप्लाई बहाल कर सकेगा।
  • निगरानी: बोर्ड प्रबंधन अब फील्ड स्टाफ की कार्यप्रणाली को भी डिजिटल मैप के जरिए ट्रैक कर पाएगा।

गलत बिलिंग और ‘अंदाज’ वाली रीडिंग का होगा अंत

हिमाचल बिजली बोर्ड के प्रबंध निदेशक आदित्य नेगी के अनुसार, स्मार्ट मीटर लगने से मानवीय हस्तक्षेप (Human Intervention) कम हो जाएगा।

  1. सटीक बिल: अब मीटर रीडर को घर-घर जाकर रीडिंग लेने की जरूरत नहीं होगी। सर्वर खुद-ब-खुद रीडिंग दर्ज करेगा, जिससे ‘गलत बिल’ की समस्या खत्म हो जाएगी।
  2. पारदर्शिता: अनुमानित रीडिंग (Average Billing) के बहाने अब खत्म होंगे, जिससे उपभोक्ता और बोर्ड के बीच विश्वास बढ़ेगा।

बिजली चोरी पर डिजिटल स्ट्राइक

स्मार्ट मीटर केवल बिलिंग ही नहीं, बल्कि बिजली चोरी रोकने में भी मास्टर की (Master Key) साबित होंगे। यदि कोई व्यक्ति मीटर के साथ छेड़छाड़ करता है या कहीं कुंडी लगाकर बिजली चोरी की कोशिश होती है, तो सिस्टम तुरंत बिजली बोर्ड को सिग्नल भेज देगा। इससे बोर्ड समय रहते कार्रवाई कर सकेगा और राजस्व के नुकसान को रोका जा सकेगा।

अब तक का अपडेट: 7.50 लाख का आंकड़ा पार

बोर्ड ने प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से मीटर लगाने का काम शुरू किया है। पहले चरण में साउथ जोन (South Zone) के अंतर्गत अब तक 7.50 लाख स्मार्ट मीटर सफलतापूर्वक लगाए जा चुके हैं। जल्द ही अन्य क्षेत्रों को भी इस हाईटेक ग्रिड से जोड़ दिया जाएगा।

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