मंडी के बांधी में जापानी फल की क्रांति

मंडी के बांधी में जापानी फल की क्रांति: 12 हेक्टेयर में रोपे जाएंगे 8000 पौधे

Himachal

मंडी | हिमालयन डॉन, हिमाचल प्रदेश में बागवानी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए सरकार की महत्वाकांक्षी एचपी-शिवा (HP-SHIVA) परियोजना अब धरातल पर बड़े बदलाव ला रही है। मंडी जिले के विकास खंड सदर के अंतर्गत आने वाले बांधी क्लस्टर में आज जापानी फल (पर्सिमन) के पौधारोपण अभियान का विधिवत आगाज़ किया गया।

इस पहल से न केवल क्षेत्र के हरित आवरण में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय बागवानों की आर्थिकी को भी एक नया आधार मिलेगा।

12 हेक्टेयर क्षेत्र में लहलहाएंगे 8000 पौधे

उद्यान विभाग, मंडी के उपनिदेशक डॉ. संजय गुप्ता की अध्यक्षता में शुरू हुए इस अभियान के तहत बांधी क्लस्टर के लगभग 11 से 12 हेक्टेयर क्षेत्रफल को कवर किया जा रहा है।

  • पौधों की संख्या: करीब 8000 जापानी फल के पौधे रोपे जा रहे हैं।
  • लाभान्वित बागवान: इस क्लस्टर से क्षेत्र के 50 से 60 बागवान सीधे तौर पर जुड़े हैं।
  • लक्ष्य: उच्च मूल्य वाली फसलों (High-Value Crops) के जरिए बागवानों की आय को दोगुना करना।
लाइव डेमोंस्ट्रेशन: वैज्ञानिक पद्धति से होगा पौधारोपण

अक्सर जानकारी के अभाव में बागवानों के पौधे सूख जाते हैं या पैदावार कम होती है। इस समस्या के समाधान के लिए डॉ. संजय गुप्ता ने बागवानों के बीच खुद सजीव प्रदर्शन (Live Demonstration) किया। उन्होंने बागवानों को निम्नलिखित तकनीकी जानकारियां दीं:

  1. पौधारोपण की सही विधि: गड्ढे का आकार और मिट्टी का मिश्रण।
  2. खाद प्रबंधन: प्रति पौधा खाद की सटीक मात्रा और उसे डालने का समय।
  3. सिंचाई तकनीक: नए पौधों को जीवित रखने के लिए सिंचाई की आवश्यकता।
  4. देखभाल: कीटों से बचाव और शुरुआती विकास के दौरान सावधानियां।
बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी का मार्गदर्शन

डॉ. गुप्ता ने बताया कि यह क्लस्टर प्रदेश सरकार और विशेषकर बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। एचपी-शिवा परियोजना का मूल उद्देश्य हिमाचल के निचले और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों को बागवानी के केंद्र के रूप में स्थापित करना है ताकि बागवान आत्मनिर्भर बन सकें।

विस्तार की योजना: 30 हेक्टेयर तक ले जाने का लक्ष्य

बांधी क्लस्टर की सफलता को देखते हुए बागवानों में भारी उत्साह है। उपस्थित बागवानों ने उद्यान विभाग के प्रयासों की सराहना की और आश्वासन दिया कि वे इस क्लस्टर को 20 से 30 हेक्टेयर तक विस्तार देने में पूर्ण सहयोग करेंगे। इस अवसर पर प्रबंधन विशेषज्ञ डॉ. उषा, उद्यान विकास अधिकारी डॉ. शिक्षा और जिला समन्वयक अभय सहित विभाग की विशेष टीमें मौजूद रहीं।


जापानी फल (पर्सिमन) क्यों है फायदेमंद?

जापानी फल एक औषधीय गुणों वाला फल है जिसकी बाजार में मांग बढ़ रही है। पारंपरिक सेब के बागों के साथ-साथ यह फल कम मेहनत और कम पानी में भी अच्छी आय देने की क्षमता रखता है।

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