अक्षय चौहान।
सोलन: यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर देशव्यापी बैंक हड़ताल का असर सोमवार को सोलन में भी साफ़ देखने को मिला। शहर की सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की बाय पास स्थित शाखा के बाहर बैंक कर्मचारियों ने प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाज़ी की। हड़ताल के चलते शाखा में आज पूरे दिन लेन-देन का कार्य पूरी तरह ठप रहेगा, जिससे आम ग्राहकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
बैंक कर्मचारियों ने शाखा के बाहर एकत्र होकर केंद्र सरकार की बैंकिंग नीतियों का विरोध किया। प्रदर्शनकारियों ने बैनरों और पोस्टरों के माध्यम से अपनी मांगें रखीं। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस की सोलन इकाई के बैनर तले कर्मचारियों ने 5-दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने, बैंकों के निजीकरण पर रोक लगाने, लंबित भर्ती प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने तथा कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने जैसी मांगों को प्रमुखता से उठाया।
कर्मचारियों का कहना है कि लगातार बढ़ते कार्यभार के बावजूद स्टाफ की कमी बनी हुई है, जिससे बैंक कर्मियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। इसके अलावा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण से न केवल कर्मचारियों की नौकरी पर संकट मंडरा रहा है, बल्कि आम जनता के हित भी प्रभावित होंगे। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
हड़ताल के कारण बैंक पहुंचे उपभोक्ताओं को निराश होकर लौटना पड़ा। नकद निकासी, चेक क्लियरेंस, ड्राफ्ट, पासबुक अपडेट और अन्य जरूरी कार्य नहीं हो सके। कई ग्राहकों ने बताया कि उन्हें पहले से हड़ताल की जानकारी नहीं थी, जिस कारण उन्हें समय और संसाधनों की परेशानी झेलनी पड़ी।
बैंक यूनियन नेताओं ने कहा कि यह हड़ताल सिर्फ कर्मचारियों के अधिकारों की नहीं, बल्कि सार्वजनिक बैंकिंग व्यवस्था को बचाने की लड़ाई है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि बैंकिंग क्षेत्र में सुधार कर्मचारियों और उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखकर किए जाएं।
