शिमला। हिमाचल प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है। राज्य के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में ओलावृष्टि को लेकर मौसम विभाग ने गंभीर चेतावनी जारी की है। बिगड़ते हालातों को देखते हुए प्रशासन ने कुल्लू जिले के मनाली और बंजार उपमंडल में सभी शिक्षण संस्थानों में छुट्टी की घोषणा कर दी है।
24 घंटे भारी: बर्फीले तूफान और शीतलहर का अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भारी हिमपात की संभावना है। विशेष रूप से लाहौल-स्पीति, चंबा, कुल्लू और किन्नौर की ऊंची चोटियों पर एक से दो स्पैल में भारी बर्फबारी हो सकती है।
प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए एडवाइजरी जारी की है कि वे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। बर्फीले तूफान के साथ-साथ राज्य के 10 जिलों में 60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से आंधी चलने का पूर्वानुमान है, जिसके लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है।
जनजीवन अस्त-व्यस्त: 750 सड़कें और 3 नेशनल हाईवे बंद
पिछले शुक्रवार से जारी खराब मौसम ने प्रदेश की कमर तोड़ दी है। ताजा आंकड़ों के अनुसार 3 नेशनल हाईवे (NH) समेत करीब 750 सड़कें पूरी तरह ठप हैं। प्रदेश भर में 1500 बिजली के ट्रांसफार्मर खराब होने से कई गांव अंधेरे में डूबे हैं। लगभग 175 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं, जिससे पानी का संकट गहरा गया है।
आगामी दिनों का पूर्वानुमान: कब मिलेगी राहत?
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है।
| तिथि | मौसम का मिजाज |
|---|---|
| 28-29 जनवरी | वेस्टर्न डिस्टरबेंस कमजोर होगा, केवल ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी। |
| 30 जनवरी | पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहने की उम्मीद। |
| 31 जनवरी | फिर से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा, जिससे 1 फरवरी तक भारी बारिश-बर्फबारी के आसार हैं। |
पर्यटकों के लिए विशेष निर्देश
शिमला, मनाली, मंडी और कांगड़ा के ऊपरी इलाकों में बर्फबारी के कारण सड़कों पर फिसलन बढ़ गई है। डीसी कुल्लू तोरुल एस रवीश ने पर्यटकों से अपील की है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और आपातकालीन स्थिति में ही यात्रा करें। ऊना, बिलासपुर और सोलन जैसे निचले इलाकों में भी ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।
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