हिमाचल शिक्षा विभाग में बड़े बदलाव की तैयारी

हिमाचल शिक्षा विभाग में बड़े बदलाव की तैयारी: हॉस्टल सुदृढ़ीकरण, नई भर्तियां और बागवानी बनेंगे वैकल्पिक विषय

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शिमला, 23 जनवरी: हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने आज राजधानी शिमला में शिक्षा विभाग की एक व्यापक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की शैक्षणिक व्यवस्था में गुणात्मक सुधार लाना, रिक्त पदों को भरना और छात्रों को दी जाने वाली मूलभूत सुविधाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार करना रहा।

छात्र कल्याण और हॉस्टल सुदृढ़ीकरण पर जोर

बैठक में शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने छात्रावासों (Hostels) की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए उनके सुदृढ़ीकरण के निर्देश दिए। विशेष रूप से सिरमौर के माजरा स्थित छात्रावास की समस्याओं का उल्लेख करते हुए विभाग से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। मंत्री ने आदेश दिए कि छात्रों को पौष्टिक भोजन, बेहतर आवास, स्वास्थ्य सेवाएं और सुचारू परिवहन सुविधा सुनिश्चित की जाए। साथ ही, खेल प्रशिक्षकों की कमी को दूर करने और उनकी कार्य परिस्थितियों में सुधार लाने पर भी बल दिया गया।

भर्तियों और पदोन्नति के लिए समय-सीमा तय

प्रदेश के हजारों युवाओं के भविष्य से जुड़े भर्ती मामलों पर शिक्षा मंत्री ने कड़ा रुख अपनाया है:

  • LDR परीक्षाएं: एसएमसी (SMC), कंप्यूटर शिक्षकों और पीजीटी/डीपीई के एलडीआर मामलों की समीक्षा करते हुए 22 फरवरी को परीक्षा आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
  • सहायक प्राध्यापक भर्ती: कॉलेजों में खाली पड़े असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों को भरने के लिए प्रस्ताव जल्द से जल्द हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग (HPPSC) को भेजने को कहा गया है।
  • NTT शिक्षक: नर्सरी टीचर ट्रेनिंग (NTT) के पात्र चयनित अभ्यर्थियों को तुरंत नियुक्ति पत्र जारी करने और शेष पदों को त्वरित माध्यमों से भरने की योजना बनाई गई है।
शिक्षा प्रणाली में आधुनिक बदलाव

हिमाचल की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए आगामी शैक्षणिक सत्र से स्कूलों में बागवानी (Horticulture) और वानिकी (Forestry) को वैकल्पिक विषयों के रूप में पेश किया जाएगा। इसके अलावा, डिजिटल इंडिया मिशन के तहत लंबित टैबलेट वितरण प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने के आदेश दिए गए हैं। उच्च शिक्षा में सुधार के लिए कॉलेजों में 4 वर्षीय बी.एड. और बी.पी.एड. जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को भी आगामी सत्र से अनिवार्य रूप से शुरू किया जाएगा।

स्कूलों का विलय और छात्र सुरक्षा

कम छात्र संख्या वाले स्कूलों के विलय (Merger) पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय केवल छात्रों के हित, उनकी सुरक्षा और सीखने के परिणामों को ध्यान में रखकर लिया जाए। उन्होंने यह सुनिश्चित करने को कहा कि यदि किसी छात्र का स्कूल दूर होता है, तो उसे परिवहन की पर्याप्त सुविधा दी जाए।

बैठक में शिक्षा सचिव राकेश कंवर, समग्र शिक्षा के परियोजना निदेशक राजेश शर्मा और उच्च व प्राथमिक शिक्षा निदेशकों सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मंत्री ने अधिकारियों को आगामी बजट सत्र के लिए छात्र कल्याण पर केंद्रित ठोस प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश के साथ बैठक का समापन किया।

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