देश के 100 युवा किन्नौर में सीखेंगे ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ का पाठ, रूबरू होंगे अनूठी किन्नौरी संस्कृति से

On: June 4, 2026 2:45 PM
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विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम-2026 में किन्नौर के रिकांगपिओ में देशभर से आए युवा प्रतिभागी कार्यक्रम में भाग लेते हुए।
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हिमालयन डॉन संवाददाता, रिकांगपिओ, 3 जून, 2026। देश के विभिन्न राज्यों से आए करीब 100 युवा अगले एक सप्ताह तक हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिला किन्नौर की अनूठी संस्कृति, परंपराओं, खानपान, रहन-सहन और सीमांत क्षेत्रों के रणनीतिक महत्व को करीब से जानेंगे। ‘विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम-2026’ के तहत शुरू हुए इस विशेष भ्रमण का उद्देश्य युवाओं को भारत की सांस्कृतिक विविधता और सीमावर्ती गांवों के विकास से जोड़ना है।

युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत संचालित माई भारत (MY Bharat) द्वारा आयोजित इस राष्ट्रीय कार्यक्रम का शुभारंभ भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के बेस कैंप रिकांगपिओ में किया गया। कार्यक्रम में बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, दमन एवं दीव सहित कई राज्यों के युवा प्रतिभागी शामिल हुए हैं।

किन्नौर प्रवास के दौरान प्रतिभागी विभिन्न गांवों का दौरा करेंगे और स्थानीय लोगों, पंचायत प्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों तथा सुरक्षा बलों के जवानों से संवाद करेंगे। इससे उन्हें न केवल सीमांत जीवन की वास्तविकताओं को समझने का अवसर मिलेगा, बल्कि ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की अवधारणा को भी करीब से जानने का मौका मिलेगा।

शिविर स्थल पर सभी प्रतिभागियों का पारंपरिक हिमाचली टोपी और खतक भेंट कर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। युवाओं को कार्यक्रम संबंधी सामग्री, दिशा-निर्देश पुस्तिका और अन्य उपयोगी वस्तुओं से युक्त किट भी वितरित की गई। पहले दिन शिविर की रूपरेखा, उद्देश्यों और आगामी गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी गई।

प्रतिभागियों ने इस पहल को राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक समन्वय और आपसी समझ को मजबूत करने वाला प्रभावी मंच बताया। उनका कहना है कि देश के अलग-अलग हिस्सों से आए युवाओं के साथ संवाद और अनुभव साझा करने से नई सोच और दृष्टिकोण विकसित होंगे।

उल्लेखनीय है कि ‘विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम’ का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती गांवों के समग्र विकास को बढ़ावा देना, स्थानीय संस्कृति और विरासत का संरक्षण करना तथा राष्ट्र निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को ग्रामीण विकास, आत्मनिर्भर भारत और सीमांत क्षेत्रों की चुनौतियों व संभावनाओं से भी अवगत कराया जाएगा।

माई भारत अभियान के अनुसार यह पहल राष्ट्रीय एकीकरण, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने के साथ विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


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