शिमला (हिमालयन डॉन): हिमाचल प्रदेश में पंचायत और शहरी निकाय चुनावों का बिगुल बजने वाला है। शहरी निकायों के लिए रोस्टर जारी होने के बाद अब राज्य चुनाव आयोग अंतिम तैयारियों में जुट गया है। ताजा जानकारी के अनुसार, प्रदेश में 20 अप्रैल तक आदर्श आचार संहिता लागू होने की प्रबल संभावना है।
एक महीने में पूरी होगी प्रक्रिया
नियमों के मुताबिक, पंचायत चुनाव की पूरी प्रक्रिया नामांकन से लेकर मतगणना तक—लगभग एक माह का समय लेती है। यदि आयोग को 31 मई तक चुनाव संपन्न कराने हैं, तो अप्रैल के तीसरे सप्ताह तक चुनावी कार्यक्रम की घोषणा अनिवार्य है। सूत्रों का दावा है कि पहला चरण 20 या 21 मई के आसपास हो सकता है।
आचार संहिता का प्रभाव
आधिकारिक घोषणा के साथ ही पूरे प्रदेश में आचार संहिता प्रभावी हो जाएगी। इसके लागू होते ही सरकार नई योजनाओं की घोषणा, शिलान्यास या उद्घाटन नहीं कर पाएगी। प्रशासन का पूरा ध्यान केवल चुनाव संपन्न कराने पर केंद्रित रहेगा।
तीन चरणों में क्यों?
संसाधनों और सुरक्षा बलों के सटीक प्रबंधन के लिए चुनाव तीन चरणों में आयोजित किए जा सकते हैं। चरणबद्ध चुनाव से न केवल मैनपावर का सही उपयोग होता है, बल्कि संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था भी पुख्ता रहती है।
फिलहाल, प्रशासनिक गलियारों में सुगबुगाहट तेज है और जल्द ही राज्य चुनाव आयोग इसकी औपचारिक अधिसूचना जारी कर सकता है।
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