हिमालयन डॉन (धर्म डेस्क)। हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है। शुभ कार्य, पूजा-पाठ, यात्रा, विवाह, निवेश और अन्य महत्वपूर्ण कार्यों से पहले पंचांग देखा जाता है। आइए जानते हैं 20 मई 2026, बुधवार का संपूर्ण पंचांग।
दिनांक व वार
दिनांक: 20 मई 2026
वार: बुधवार
तिथि
ज्येष्ठ मास, शुक्ल पक्ष
चतुर्थी तिथि प्रातः लगभग 11:07 बजे तक
इसके बाद पंचमी तिथि आरंभ
नक्षत्र
आर्द्रा नक्षत्र सुबह लगभग 6:10 बजे तक
इसके बाद पुनर्वसु नक्षत्र प्रारंभ
सूर्योदय व सूर्यास्त
सूर्योदय: प्रातः 5:27 बजे
सूर्यास्त: सायं 7:07 बजे
चंद्रमा की स्थिति
चंद्र राशि: मिथुन
रात्रि में चंद्रमा कर्क राशि में प्रवेश करेगा
योग
शूल योग दोपहर लगभग 2:09 बजे तक
इसके बाद गंड योग प्रारंभ
करण
विष्टि करण (भद्रा) प्रातः 11:07 बजे तक
इसके बाद बव करण
शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:50 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक
ब्रह्म मुहूर्त
प्रातः 3:51 बजे से 4:39 बजे तक
राहुकाल
दोपहर 12:17 बजे से 2:00 बजे तक
इस समय शुभ कार्य करने से बचें
यमगंड काल
सुबह 7:10 बजे से 8:52 बजे तक
गुलिक काल
सुबह 10:35 बजे से 12:17u बजे तक
आज का विशेष महत्व
विनायक चतुर्थी का शुभ संयोग
भगवान गणेश की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है
भद्रा काल होने के कारण महत्वपूर्ण शुभ कार्य भद्रा समाप्ति के बाद करना बेहतर रहेगा
आज का शुभ उपाय
आज भगवान गणेश को दूर्वा और मोदक अर्पित करें। “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का 108 बार जाप करने से बाधाएं दूर होने की मान्यता है।
आज का विचार
“सकारात्मक सोच और सही समय पर किया गया प्रयास सफलता का मार्ग खोल देता है।”
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