सोलन: हिमाचल प्रदेश की महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना ‘परवाणु-सोलन फोरलेन (NH-5)’ का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है । ₹1,635 करोड़ की लागत वाली इस 39 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजना को 20 दिसंबर, 2023 को आधिकारिक तौर पर पूर्ण घोषित कर दिया गया ।
यह कॉरिडोर परवाणु, सोलन और शिमला क्षेत्र के बीच संपर्क (connectivity) सुधारने, यात्रा समय कम करने और राज्य में पर्यटन व आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है ।
चुनौतियां और समाधान: PRAGATI की भूमिका
पहाड़ी और संवेदनशील क्षेत्र होने के कारण इस परियोजना को कई कठिन बाधाओं का सामना करना पड़ा:
- बिजली के टावरों का स्थानांतरण: हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड (HPSEBL) के नौ हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन टावरों को रास्ते से हटाना एक बड़ी चुनौती थी । PRAGATI (प्रगति) तंत्र के हस्तक्षेप से NHAI और राज्य सरकार के बीच समन्वय स्थापित हुआ और इन टावरों को सफलतापूर्वक स्थानांतरित किया गया।
- वन विभाग की मंजूरी: मलबे को फेंकने (Debris dumping) के लिए 15.15 हेक्टेयर वन भूमि के उपयोग हेतु मंजूरी रुकी हुई थी । निरंतर निगरानी के बाद 19 मई, 2022 को इसकी अंतिम मंजूरी मिली, जिससे निर्माण कार्य निर्बाध रूप से आगे बढ़ सका।
- भूमि अधिग्रहण और मुआवजा: सोलन के रबोण गांव में भूमि सीमांकन और संरचनाओं को हटाने को लेकर विवाद थे । साथ ही ₹17.97 करोड़ का मुआवजा वितरण भी लंबित था । जिला प्रशासन और NHAI के तालमेल से अप्रैल 2021 तक इन मुद्दों को सुलझा लिया गया।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं
- लंबाई: 39 किलोमीटर (किमी 67.00 से किमी 106.139) ।
- प्रमुख क्षेत्र: यह सड़क जाबली, धर्मपुर, कुमारहट्टी, अंजी और कैथली जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों से होकर गुजरती है ।
- क्रियान्वयन एजेंसी: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ।
- निगरानी: इस परियोजना की बाधाओं को दूर करने के लिए प्रधानमंत्री (PRAGATI) स्तर पर समीक्षा की गई थी ।
