हिमाचल में स्वास्थ्य क्रांति: 3000 करोड़ का निवेश और रोबोटिक सर्जरी, अब इलाज के लिए नहीं जाना होगा राज्य से बाहर

Himachal

शिमला | 31 दिसंबर 2025

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के संकल्प को दोहराते हुए राज्य को एक आदर्श ‘हेल्थ स्टेट’ बनाने की दिशा में कई ऐतिहासिक कदमों की घोषणा की है। सरकार का मुख्य लक्ष्य आधुनिक चिकित्सा तकनीक और विशेषज्ञ देखभाल को प्रदेश के हर नागरिक के घर-द्वार तक पहुँचाना है।

बुजुर्गों को सौगात: शुरू हुई ‘सीनियर सिटीजन ओपीडी’

मुख्यमंत्री ने बताया कि 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए समर्पित सीनियर सिटीजन ओपीडी शुरू की गई है। प्रदेश के प्रमुख अस्पतालों में विशेष परामर्श स्लॉट क्रियाशील हो चुके हैं, जिससे अब बुजुर्गों को लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा।

अत्याधुनिक तकनीक और अधोसंरचना पर निवेश

स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण के लिए सरकार ₹3,000 करोड़ का निवेश सुनिश्चित कर रही है। इसके तहत प्रमुख कदम निम्नलिखित हैं:

  • रोबोटिक सर्जरी: अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपरस्पेशलिटी (चमियाणा) और टांडा मेडिकल कॉलेज में रोबोटिक सर्जरी शुरू हो चुकी है। वर्ष 2026 की शुरुआत तक प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में इस सुविधा का विस्तार करने की योजना है।
  • स्मार्ट लैब (AI आधारित): आईजीएमसी शिमला और टांडा में 75 करोड़ की लागत से एआई-सुविधा युक्त स्मार्ट लैब स्थापित की जा रही हैं, जिससे जांच रिपोर्ट के लिए प्रतीक्षा अवधि कम होगी।
  • बोन मैरो ट्रांसप्लांट (BMT): आईजीएमसी शिमला, टांडा, हमीरपुर, नेरचौक और चमियाणा संस्थानों को BMT अधोसंरचना स्थापित करने के लिए 5.5 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
बाल स्वास्थ्य और टीकाकरण पर विशेष ध्यान
  • एडवांस्ड पीडियाट्रिक सेंटर: चमियाणा में एक उन्नत बाल चिकित्सा केंद्र स्थापित किया जा रहा है ताकि प्रदेश के बच्चों को विश्वस्तरीय उपचार राज्य में ही मिल सके।
  • पल्स पोलियो अभियान: 21 दिसंबर से शुरू हुए व्यापक अभियान के तहत शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए घर-घर जाकर ‘मॉप-अप’ अभियान सफलतापूर्वक चलाया गया।

प्रमुख बिंदु: एक नज़र में
योजना/पहलविवरण
कुल निवेश3,000 करोड़ (स्वास्थ्य आधुनिकीकरण हेतु)
सीनियर सिटीजन ओपीडी70+ आयु वर्ग के लिए समर्पित स्लॉट
स्मार्ट लैब बजट75 करोड़ (AI आधारित स्वचालन के लिए)
रोबोटिक सर्जरी लक्ष्य2026 तक सभी मेडिकल कॉलेजों में विस्तार
BMT यूनिट5 प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में 5.5 करोड़ का प्रावधान

मुख्यमंत्री के अनुसार, एआई आधारित जांच प्रणाली, विशेषज्ञ वृद्धावस्था देखभाल और रोबोटिक सर्जरी जैसी पहल हिमाचल को चिकित्सा के एक उत्कृष्ट केंद्र के रूप में स्थापित कर रही हैं। इन व्यवस्थित बदलावों से न केवल शहरी बल्कि दुर्गम क्षेत्रों के लोगों तक भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुँच सुनिश्चित हो रही है।

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