इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना के तहत 1500 रुपये मासिक सहायता राशि के लिए महिला लाभार्थी और तहसील कल्याण अधिकारी कार्यालय

1500 रुपये पाने का रास्ता हुआ आसान! अब पंचायत नहीं, सीधे तहसील कार्यालय में करें आवेदन, सरकार ने बदले नियम

Himachal

शिमला, हिमालयन डॉन। हिमाचल प्रदेश की लाखों महिलाओं के लिए राहत भरी खबर है। इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना के तहत मिलने वाली 1500 रुपये मासिक सहायता राशि के लिए अब पंचायतों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। प्रदेश सरकार ने योजना की सत्यापन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए पंचायत स्तर पर होने वाली वेरिफिकेशन व्यवस्था को समाप्त कर दिया है।

नई व्यवस्था के तहत महिलाएं अब अपना आवेदन सीधे तहसील कल्याण अधिकारी (Tehsil Welfare Officer) के कार्यालय में जमा कर सकेंगी। वहीं दस्तावेजों की जांच और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होगी। आवेदन स्वीकृत होने के बाद पात्र महिलाओं के बैंक खातों में प्रतिमाह 1500 रुपये की सहायता राशि भेजी जाएगी।

लाखों आवेदन अटके, अब मिलेगी राहत
सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पंचायत स्तर पर सत्यापन प्रक्रिया के कारण बड़ी संख्या में आवेदन लंबित पड़े हुए थे। ग्राम सभाओं में कोरम पूरा न होने से हजारों पात्र महिलाओं को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा था।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार योजना शुरू होने के बाद प्रदेशभर से 8.14 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से वर्ष 2025 में 6.34 लाख से ज्यादा आवेदन पंचायतों को सत्यापन के लिए भेजे गए, लेकिन कोरम की समस्या के चलते केवल 50 हजार से कुछ अधिक आवेदनों का ही सत्यापन हो पाया। बाकी आवेदन पंचायतों में लंबित रह गए थे।

कोरम बना सबसे बड़ी बाधा
ग्राम सभाओं में पर्याप्त संख्या में लोगों की उपस्थिति नहीं होने से सत्यापन प्रक्रिया प्रभावित हो रही थी। यही कारण रहा कि बड़ी संख्या में महिलाएं आवेदन करने के बावजूद योजना का लाभ नहीं ले सकीं। अब सरकार ने पुराने आदेश वापस लेते हुए सत्यापन प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने का फैसला लिया है।

जानिए कौन ले सकेगा योजना का लाभ
हालांकि सरकार ने आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाया है, लेकिन पात्रता नियमों को पहले से अधिक स्पष्ट और सीमित किया गया है। संशोधित नियमों के अनुसार—

  • महिला की आयु 21 से 59 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  • परिवार की वार्षिक आय 2 लाख रुपये से कम होनी चाहिए।
  • एक परिवार से केवल एक महिला को ही योजना का लाभ मिलेगा।
  • सभी आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन अनिवार्य होगा।

महिलाओं को समय पर मिलेगी सहायता राशि
सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने से लंबित आवेदनों का तेजी से निपटारा होगा और पात्र महिलाओं को बिना अनावश्यक देरी के योजना का लाभ मिल सकेगा। इससे पारदर्शिता बढ़ने के साथ-साथ महिलाओं को आर्थिक सहायता समय पर उपलब्ध कराई जा सकेगी।


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