ममलीग स्कूल का वार्षिक समारोह, मेधावी छात्रों को किया सम्मानित
सोलन। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि शिक्षा, ज्ञान और कठिन परिश्रम ही किसी भी सफलता की ठोस नींव हैं। वह शनिवार को राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ममलीग के वार्षिक समारोह को संबोधित कर रहे थे।
डॉ. शांडिल ने कहा कि आज का दौर प्रतिस्पर्धा का है, इसलिए छात्रों को लक्ष्य निर्धारित कर अनुशासन और परिश्रम के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने बताया कि ममलीग स्कूल को जल्द ही राजीव गांधी डे-बोर्डिंग विद्यालय के रूप में उन्नत किया जाएगा और इसके लिए 1.50 करोड़ रुपये की पहली किस्त स्वीकृत की जा चुकी है।
उन्होंने यह भी कहा कि आगामी शैक्षणिक सत्र से विद्यालय में सीबीएसई पाठ्यक्रम भी शुरू कर दिया जाएगा।
‘सुखाश्रय योजना’ से 6,000 बच्चों को सहायता
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री के रूप में अपनी भूमिका का उल्लेख करते हुए डॉ. शांडिल ने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में वंचित वर्गों के कल्याण के लिए तेज गति से काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना के अंतर्गत लगभग 6,000 बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ के रूप में अपनाया गया है।
पिछले वर्षों में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत 28 करोड़ रुपए की सहायता प्रदान की गई है। साथ ही बच्चों को वस्त्र भत्ता, उत्सव भत्ता और 27 वर्ष की आयु तक निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध करवाई जा रही है।
नशे के खिलाफ युवाओं को एकजुट होने का आह्वान
सैनिक कल्याण मंत्री ने युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि समाज को मिलकर यह बुराई खत्म करनी होगी, ताकि युवा पीढ़ी सुरक्षित रहे।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने लोगों को ‘चिट्टा मुक्त प्रदेश अभियान’ के तहत शपथ भी दिलाई।
मेधावी छात्रों को सम्मान, समस्याएं भी सुनीं
वार्षिक समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को मंत्री ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
उन्होंने मौके पर उपस्थित लोगों की समस्याएं भी सुनीं और अधिकारियों को शीघ्र समाधान के निर्देश दिए।
31 हजार रुपये की घोषणा, सांस्कृतिक कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र
डॉ. शांडिल ने स्कूल प्रशासन को अपनी ऐच्छिक निधि से 31,000 रुपये प्रदान करने की घोषणा की।
समारोह में छात्रों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेश चौहान ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए स्कूल की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस अवसर पर पंचायत प्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, अभिभावक, शिक्षक और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
