मोबाइल ऐप के जरिए हिमाचल प्रदेश में डिजिटल जनगणना 2027 की जानकारी दर्शाती फीचर्ड इमेज

हिमाचल में पहली बार डिजिटल जनगणना: अब लोग खुद भर सकेंगे अपना डेटा, मिलेगा 11 अंकों का यूनिक आईडी नंबर

Himachal

शिमला (अक्षय) 23 मई, 2026: हिमाचल प्रदेश में होने वाली जनगणना 2027 इस बार पूरी तरह हाईटेक अंदाज में आयोजित की जाएगी। केंद्र सरकार ने जनगणना प्रक्रिया को पारंपरिक कागजी व्यवस्था से बाहर निकालते हुए डिजिटल तकनीक से जोड़ दिया है। खास बात यह है कि अब आम नागरिक भी खुद अपनी जनगणना कर सकेंगे और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर पाएंगे।

शिमला स्थित जनगणना कार्य निदेशालय के अनुसार भारत सरकार आगामी जनगणना को आधुनिक, पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने के लिए डिजिटल सिस्टम पर काम कर रही है। इसके तहत तीन प्रमुख डिजिटल स्तंभों के माध्यम से पूरे अभियान को संचालित किया जाएगा, जिससे डेटा संग्रहण तेज, सुरक्षित और अधिक सटीक हो सके।

16 जून से शुरू होगा पहला चरण

हिमाचल प्रदेश में जनगणना 2027 का पहला चरण यानी मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना 16 जून 2026 से 15 जुलाई 2026 तक चलेगा। इस दौरान लोगों को एक सुरक्षित ऑनलाइन पोर्टल के जरिए स्वयं अपनी और अपने परिवार की जानकारी भरने की सुविधा दी जाएगी।

यह ऑनलाइन स्वगणना सुविधा प्रदेश में 1 जून से 15 जून 2026 तक उपलब्ध रहेगी। सरकार का मानना है कि इससे लोगों का समय बचेगा और डेटा की गोपनीयता एवं शुद्धता भी सुनिश्चित होगी।

स्वगणना करने वालों को मिलेगा 11 अंकों का आईडी नंबर

ऑनलाइन स्वगणना पूरी करने के बाद नागरिकों को एक 11 अंकों का यूनिक स्वगणना आईडी नंबर जारी किया जाएगा। इसके बाद जब 16 जून से 15 जुलाई 2026 के बीच जनगणना कर्मी घर-घर सर्वेक्षण के लिए पहुंचेंगे, तब लोगों को यही आईडी नंबर प्रगणकों को देना होगा।

आईडी दर्ज करते ही पोर्टल पर भरी गई जानकारी स्वतः जनगणना कर्मी के मोबाइल एप में दिखाई दे जाएगी। इससे दोबारा जानकारी भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी और पूरी प्रक्रिया अधिक आसान व तेज हो जाएगी।

अब कागज नहीं, मोबाइल एप से होगी जनगणना

इस बार जनगणना कर्मी कागजी फॉर्म लेकर नहीं चलेंगे। उनकी जगह एक अत्याधुनिक एचएलओ मोबाइल एप्लिकेशन का इस्तेमाल किया जाएगा। प्रगणक घर-घर जाकर इसी मोबाइल एप के जरिए डेटा दर्ज करेंगे।

रियल टाइम डेटा एंट्री होने से मानवीय गलतियों की संभावना काफी कम हो जाएगी और डेटा प्रोसेसिंग पहले के मुकाबले कई गुना तेज हो सकेगी।

अधिकारियों के लिए भी तैयार किया गया डिजिटल पोर्टल

जनगणना प्रक्रिया की निगरानी और प्रबंधन के लिए विशेष डिजिटल पोर्टल भी तैयार किया गया है। यह पोर्टल अधिकारियों को लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट, प्रोग्रेस ट्रैकिंग, कर्मचारियों के प्रशिक्षण और संसाधनों के सही उपयोग में मदद करेगा।

सरकार का कहना है कि डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल से जनगणना अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और प्रभावी बनेगी, जिससे भविष्य की योजनाओं और विकास कार्यों के लिए सटीक आंकड़े उपलब्ध हो सकेंगे।


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