शिमला के 9 केंद्रों पर आयोजित होने वाली सीबीएसई शिक्षक काउंसिलिंग का दृश्य।

CBSE स्कूलों में तैनाती के लिए शिक्षकों की काउंसिलिंग शुरू: हिमाचल शिक्षा विभाग ने बनाए 9 केंद्र; जानें जरूरी निर्देश और आपका केंद्र कहाँ है?

Himachal

हिमालयन डॉन संवाददाता, शिमला | हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में सीबीएसई (CBSE) सिस्टम को मजबूत करने के लिए शिक्षा विभाग ने कमर कस ली है। प्रदेश के सीबीएसई संबद्ध सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के ‘सब कैडर’ के लिए 5 और 6 मई को काउंसिलिंग प्रक्रिया आयोजित की जाएगी। उच्च शिक्षा निदेशालय ने इसके लिए राजधानी शिमला में 9 विशेष केंद्र स्थापित किए हैं।

कहाँ होगी आपकी काउंसिलिंग? ये हैं 9 केंद्र

प्रधानाचार्य (Principal) पद से लेकर जेबीटी तक की काउंसिलिंग के लिए विभाग ने अलग-अलग स्थान तय किए हैं:

  1. प्रधानाचार्य पद: स्कूल शिक्षा निदेशालय, लालपानी (शिमला)।
  2. शिक्षक पद (विभिन्न श्रेणियाँ): समरहिल, शोघी, लक्कड़ बाजार, लालपानी स्कूल, फागली, संजौली, पोर्टमोर और छोटा शिमला स्कूल।

सीएंडवी (C&V) श्रेणियों और जेबीटी (JBT) शिक्षकों की काउंसिलिंग भी इन्हीं केंद्रों पर होगी। इसके लिए जगदीश चंद नेगी (PET), लता वर्मा (शास्त्री) और मोहिंद्र चंद पिरटा सहित अन्य अधिकारियों को कमान सौंपी गई है।

शिक्षकों के लिए 4 बड़ी राहत: विभाग ने दूर किया हर भ्रम

​शिक्षा विभाग ने काउंसिलिंग से पहले कुछ महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किए हैं, जो शिक्षकों के लिए बड़ी राहत लेकर आए हैं:

  • ज्वाइन न करने पर पाबंदी नहीं: यदि कोई चयनित शिक्षक काउंसिलिंग के बाद मिली पोस्टिंग को स्वीकार नहीं करता है, तो उसे भविष्य में सीबीएसई स्कूलों में तैनाती के अवसर से वंचित नहीं किया जाएगा।
  • सेवा शर्तें रहेंगी बरकरार: संविदा (Contract) या जॉब ट्रेनिंग पर कार्यरत शिक्षकों की मौजूदा सेवा शर्तें नई पोस्टिंग से प्रभावित नहीं होंगी। उनकी सर्विस बिना किसी बाधा के जारी रहेगी।
  • SMC शिक्षकों को अभयदान: वर्तमान में सीबीएसई स्कूलों में कार्यरत एसएमसी (SMC) शिक्षकों को नए शिक्षकों की नियुक्ति के कारण तत्काल नहीं हटाया जाएगा। वे आगामी आदेशों तक अपने पदों पर बने रहेंगे।
  • मिलेगा TA/DA: काउंसिलिंग में हिस्सा लेने वाले सभी शिक्षकों को ‘ऑन ड्यूटी’ माना जाएगा और उन्हें नियमानुसार यात्रा व दैनिक भत्ता (TA/DA) प्रदान किया जाएगा।
पारदर्शिता के लिए 10 कमेटियों का पहरा

काउंसिलिंग प्रक्रिया को विवादों से दूर और पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए 10 विशेष समितियों का गठन किया गया है। इन समितियों में आईटी स्टाफ और वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है ताकि डेटा और चयन प्रक्रिया में कोई चूक न हो।

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