हिमालयन डॉन संवाददाता, सोलन | हिमाचल प्रदेश में वाहन पंजीकरण फर्जीवाड़े के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए सोलन पुलिस ने मुख्य आरोपी गौरव भारद्वाज को गिरफ्तार कर लिया है। करीब तीन महीने से फरार चल रहा यह आरोपी आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। इसकी तलाश न केवल सोलन और बिलासपुर पुलिस, बल्कि दिल्ली क्राइम ब्रांच भी कर रही थी। हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई तेज हुई।
पुलिस जांच में सामने आया है कि गौरव ने आरएलए सोलन और बिलासपुर से जुड़े सिस्टम में सेंध लगाकर फर्जी यूजर आईडी तैयार कीं और इनके जरिए वाहन पंजीकरण, वेरिफिकेशन और अप्रूवल जैसी प्रक्रियाओं को अवैध रूप से अंजाम दिया। आरोपी ने सरकारी पोर्टल के एडमिन क्रेडेंशियल तक हासिल कर पूरे सिस्टम का दुरुपयोग किया।
फर्जी आईडी से चलता था पूरा खेल
जांच के अनुसार, आरोपी ने क्लर्क और अधिकारियों के नाम पर नकली यूजर आईडी बनाकर सरकारी प्रक्रियाओं को दरकिनार किया। इन्हीं आईडी के जरिए वाहनों के दस्तावेजों में बड़े स्तर पर हेरफेर की गई। इसमें वाहन का वजन बढ़ाना, मालिकाना रिकॉर्ड बदलना, बैंक हाइपोथिकेशन हटाना और बिना वैधानिक प्रक्रिया के ट्रांसफर करना शामिल है।
एजेंट नेटवर्क से करोड़ों की उगाही
गौरव ने पांच एजेंटों का नेटवर्क तैयार किया था, जो ग्राहकों से संपर्क कर पैसे वसूलते थे। बदले में चोरी या संदिग्ध वाहनों को फर्जी तरीके से वैध बनाकर बेचा जाता था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी के खातों में विभिन्न माध्यमों से करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ है।
पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां
इस मामले में 3 अप्रैल को एक क्लर्क समेत पांच एजेंटों को गिरफ्तार किया जा चुका है। ये आरोपी बिलासपुर, मंडी, ऊना और कांगड़ा जिलों से जुड़े हैं। अब मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पूरे रैकेट के बड़े खुलासे की उम्मीद है।
अंतरराज्यीय गैंग से जुड़े तार
मामले की शुरुआत दिल्ली क्राइम ब्रांच की जांच से हुई, जिसमें चोरी की लग्जरी गाड़ियों को फर्जी दस्तावेजों के जरिए वैध बनाकर बेचने वाले नेटवर्क का खुलासा हुआ। जांच में इसके तार हिमाचल के आरएलए दफ्तरों से जुड़े पाए गए। यह नेटवर्क हिमाचल, पंजाब और दिल्ली सहित कई राज्यों में सक्रिय था।
शिकायत से खुली परतें
26 जनवरी को आरएलए सोलन की अधिकारी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में यूजर आईडी और मोबाइल नंबरों के दुरुपयोग का मामला सामने आया था, जिसके बाद पुलिस ने जांच तेज की।
एसपी सोलन टीएसडी वर्मा ने बताया कि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब यह पता लगाया जाएगा कि फर्जीवाड़ा किन-किन स्थानों पर और कितने बड़े स्तर पर हुआ है। साथ ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान भी की जा रही है।
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