हिमालयन डॉन ब्यूरो, शिमला: हिमाचल प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण आत्मनिर्भरता की दिशा में आज एक नया इतिहास रचा गया। शिमला ज़िला के कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र की धरेच ग्राम पंचायत प्रदेश की पहली ‘ग्रीन पंचायत’ बन गई है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज अपने कसुम्पटी दौरे के दौरान यहाँ 500 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र का विधिवत उद्घाटन किया।
कूड़े से नहीं, धूप से भरेगा पंचायत का खजाना
करीब 1.94 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस सौर परियोजना ने सफलतापूर्वक बिजली उत्पादन शुरू कर दिया है। 30 मार्च 2026 को ग्रिड से जुड़ने के बाद अब यहाँ से प्रतिदिन लगभग 3000 यूनिट स्वच्छ ऊर्जा पैदा हो रही है।
राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड इस बिजली को ₹3.50 प्रति यूनिट की दर से खरीदेगा, जिससे पंचायत को हर साल लगभग 28 लाख रुपये की शुद्ध आय होगी। यह मॉडल हिमाचल की अन्य पंचायतों के लिए भी एक मिसाल बनेगा।
कमाई का पैसा कहाँ होगा खर्च? (नया कल्याणकारी मॉडल)
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस परियोजना से होने वाली आय को केवल विकास कार्यों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे सामाजिक सरोकारों से भी जोड़ा गया है:
- 30% राशि: ग्राम पंचायत के विकास कार्यों के लिए।
- 20% राशि: अनाथ बच्चों और विधवाओं के कल्याण हेतु।
- 20% राशि: राज्य सरकार के खाते में।
- 30% राशि: हिम ऊर्जा (संचालन एवं रख-रखाव) के लिए।
25 साल तक मिलेगी मुफ्त और स्वच्छ बिजली
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि यह परियोजना सतत विकास और ग्रामीण सशक्तिकरण का बेहतरीन उदाहरण है। 25 साल की अनुमानित आयु वाली इस परियोजना से न केवल स्थानीय लोगों की आर्थिकी सुधरेगी, बल्कि हिमाचल को ‘ग्रीन स्टेट’ बनाने के लक्ष्य को भी गति मिलेगी।
जनवरी 2025 में शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट रिकॉर्ड समय में पूरा कर अब धरातल पर बिजली पैदा कर रहा है, जो कसुम्पटी और पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।
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